“लखनऊ में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आज, अमित शाह देंगे यूपी चुनाव 2027 की जीत का मंत्र। 2850 पदाधिकारी होंगे शामिल, बूथ प्रबंधन और विपक्ष की रणनीति पर होगा मंथन।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को धार देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आज राजधानी लखनऊ में अपनी बड़ी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित कर रही है। डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय परिसर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रेक्षागृह में होने वाली इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनावी जीत का मंत्र देंगे।
चुनावी वर्ष को देखते हुए इस बैठक को भाजपा की संगठनात्मक और राजनीतिक रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक के बाद पार्टी पूरी तरह चुनावी अभियान की दिशा में आगे बढ़ेगी। इसमें प्रदेश से लेकर जिला और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
बैठक में करीब 2850 पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें केंद्रीय मंत्री, प्रदेश सरकार के मंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री, सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, संगठन के पदाधिकारी और पिछले विधानसभा व लोकसभा चुनावों में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके प्रत्याशी शामिल होंगे।
अमित शाह बताएंगे 2014 और 2017 की जीत का फॉर्मूला
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संबोधन होगा। पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि 2014 के लोकसभा और 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अपनाई गई चुनावी रणनीति को नए राजनीतिक समीकरणों के अनुरूप फिर जमीन पर उतारा जाए।
अमित शाह बूथ प्रबंधन को मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय करने और संगठन की चुनावी तैयारियों को प्रभावी बनाने पर मार्गदर्शन देंगे। भाजपा का मानना है कि विधानसभा चुनाव में जीत के लिए बूथ स्तर पर मजबूत संगठन और मतदाताओं से लगातार संपर्क बेहद जरूरी है।
इस दौरान पदाधिकारियों को आगामी चुनाव के लिए संगठनात्मक जिम्मेदारियों और जमीनी कामकाज का होमवर्क भी दिया जा सकता है।
जातीय समीकरण, आरक्षण और विपक्ष के नैरेटिव पर मंथन
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केवल संगठनात्मक मजबूती ही नहीं, बल्कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विस्तार से चर्चा होगी। विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों और उनके राजनीतिक नैरेटिव का जवाब देने की रणनीति बनाई जाएगी।
जातीय समीकरण, यूजीसी से जुड़े मुद्दे और आरक्षण को लेकर विपक्ष के अभियान का भाजपा की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है, इस पर भी चर्चा प्रस्तावित है। पार्टी की कोशिश होगी कि सामाजिक समीकरणों को साधते हुए विभिन्न वर्गों के बीच अपना जनाधार मजबूत किया जाए।
इसके अलावा प्रदेश में विपक्षी दलों की सक्रियता और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उनकी तैयारियों का भी आकलन किया जाएगा।
एमएलसी चुनाव में कमजोर प्रदर्शन की भी होगी समीक्षा
हाल में हुए उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर भी बैठक में मंथन होगा। जिन क्षेत्रों में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिली, वहां संगठन की कमजोरियों और चुनावी प्रबंधन की समीक्षा की जाएगी।
पार्टी पदाधिकारी यह समझने का प्रयास करेंगे कि मतदाता संपर्क, प्रत्याशी चयन, स्थानीय संगठन और चुनावी समन्वय में कहां कमी रही। इसके आधार पर भविष्य की रणनीति में बदलाव किया जा सकता है।
बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों और पार्टी की आगामी कार्ययोजना से जुड़े मुद्दों को शामिल किए जाने की संभावना है।
बैठक में कौन-कौन होगा शामिल?
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में लगभग 2850 लोगों को आमंत्रित किया गया है। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय और केंद्रीय स्तर के नेताओं के साथ प्रदेश संगठन तथा सरकार के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
प्रमुख रूप से केंद्रीय मंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री, प्रदेश सरकार के मंत्री, लोकसभा और राज्यसभा सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री, जिला अध्यक्ष, जिला महामंत्री तथा विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष और महामंत्री शामिल होंगे।
इसके अलावा 2022 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों को भी बुलाया गया है। इस तरह बैठक में संगठन के लगभग सभी प्रमुख स्तरों का प्रतिनिधित्व रहेगा।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने तैयारियों की समीक्षा की
कार्यसमिति की बैठक को सफल बनाने के लिए प्रदेश भाजपा संगठन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। गुरुवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने बैठक की तैयारियों की समीक्षा की।
इस दौरान सह प्रभारी मेधा कुलकर्णी, अनंत ओझा और प्रदीप वर्मा सहित प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पंजीकरण, आवागमन, भोजन, वाहनों की व्यवस्था और यातायात प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारियों की जानकारी ली गई।
पार्टी ने जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से शहर में अनावश्यक होर्डिंग और बैनर लगाने के बजाय प्रमुख चौराहों पर पार्टी के झंडे लगाने को कहा है। जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों और महामंत्रियों को अपने क्षेत्र के विधायक निवास पर रात्रि विश्राम करने के निर्देश भी दिए गए हैं। बाहर से आने वाले पदाधिकारियों के लिए गेस्ट हाउस की व्यवस्था की गई है।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के अनुसार, बैठक में संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा और आगामी कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे बैठक का समापन
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का समापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। उनके संबोधन में प्रदेश सरकार के कामकाज, विकास योजनाओं, संगठन और सरकार के बीच समन्वय तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर फोकस रहने की उम्मीद है।
इससे पहले वर्ष 2024 में लखनऊ में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई थी। अब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले हो रही इस बैठक को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक पड़ाव माना जा रहा है।
भाजपा नेतृत्व की कोशिश है कि प्रदेश के सभी प्रमुख नेताओं और संगठनात्मक पदाधिकारियों को एक मंच पर लाकर चुनावी तैयारियों की दिशा और जिम्मेदारियां स्पष्ट कर दी जाएं।
यूपी भाजपा प्रदेश कार्यसमिति बैठक: प्रमुख कार्यक्रम और एजेंडा
30 अक्टूबर 2026
| कार्यक्रम | प्रमुख जानकारी |
|---|---|
| बैठक का स्थान | डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रेक्षागृह, लोहिया विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ |
| आगमन | सुबह 8:30 बजे से |
| मुख्य वक्ता | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह |
| समापन | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ |
| आमंत्रित पदाधिकारी | लगभग 2,850 |
| मुख्य एजेंडा | मिशन 2027, बूथ प्रबंधन, राजनीतिक प्रस्ताव |
| संगठनात्मक नेतृत्व | पंकज चौधरी और धर्मपाल सिंह |
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