ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में बसा ‘छोटा भारत’, मेरठ-दिल्ली-आगरा-लखनऊ के नाम पर हैं सड़कें

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न के मिचम उपनगर में मेरठ, दिल्ली, आगरा, लखनऊ, बनारस, शिमला और कोलकाता के नाम पर सड़कें हैं। इन भारतीय शहरों के नाम रखने के पीछे ब्रिटिश काल से जुड़ी 100 साल पुरानी दिलचस्प कहानी है। जानिए पूरी जानकारी।

मेरठ। भारत से हजारों किलोमीटर दूर ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर का एक छोटा सा उपनगर आज भी भारत की यादों को संजोए हुए है। यहां की सड़कों के नाम भारत के प्रमुख शहरों पर रखे गए हैं। मेलबर्न के मिचम उपनगर में मेरठ, दिल्ली, आगरा, लखनऊ, बनारस, शिमला और कोलकाता जैसे भारतीय शहरों के नाम वाली सड़कें मौजूद हैं।

खास बात यह है कि ये केवल अनौपचारिक नाम नहीं हैं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के सरकारी रिकॉर्ड में भी इनका उल्लेख दर्ज है। करीब सौ साल से अधिक समय से ये सड़कें भारतीय इतिहास और ऑस्ट्रेलिया में बसे उन लोगों की यादों को जीवित रखे हुए हैं, जिनका कभी भारत से गहरा संबंध रहा था।

ब्रिटिश दौर के अधिकारियों ने बसाया था भारतीय नामों वाला इलाका

मिचम उपनगर मेलबर्न की व्हाइटहोर्स सिटी काउंसिल के अंतर्गत आता है। स्थानीय इतिहास के अनुसार ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में तैनात रहे कई सैन्य अधिकारी और अन्य लोग बाद में ऑस्ट्रेलिया जाकर बस गए थे।

भारत छोड़ने के बाद भी इन लोगों का भारतीय शहरों से भावनात्मक जुड़ाव बना रहा। उन्होंने अपने नए ठिकानों के आसपास की सड़कों को भारत के उन शहरों के नाम देना शुरू किया, जहां वे कभी रहे या जिनसे उनका संबंध रहा था।

सरकारी रिकॉर्ड में इन सड़कों को “रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर्स, इंडियन सिटी सीरीज” के रूप में दर्ज किया गया है।

मेरठ स्ट्रीट के पीछे व्यापारी एडगर वॉकर की कहानी

मिचम की मेरठ स्ट्रीट को लेकर एक दिलचस्प इतिहास सामने आता है। व्हाइटहोर्स हिस्टोरिकल सोसायटी के अनुसार, एडगर वॉकर नाम के व्यापारी ने वर्ष 1886 में मिचम में टाइल कंपनी शुरू की थी।

उन्होंने भारत और श्रीलंका के साथ व्यापार किया था। बाद में उन्होंने 6-8 मेरठ स्ट्रीट को अपना निवास बनाया। माना जाता है कि इसी वजह से इस सड़क का नाम मेरठ स्ट्रीट पड़ा।

स्थानीय वार्ड का नाम भी एडगर वॉकर के नाम पर रखा गया है। इसे वॉकर वार्ड कहा जाता है।

लखनऊ के नाम पर हैं दो सड़कें

मिचम में लखनऊ के नाम पर दो सड़कें हैं। इनमें से एक सड़क पहले स्कॉट स्ट्रीट के नाम से जानी जाती थी, जिसे वर्ष 1932 में बदलकर लखनऊ स्ट्रीट कर दिया गया।

इसके अलावा यहां लखनऊ कोर्ट नाम का एक छोटा मार्ग भी मौजूद है।

भारतीयों के लिए भावनाओं से जुड़ी हैं ये सड़कें

ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के लिए ये सड़कें सिर्फ नाम नहीं बल्कि अपने देश से जुड़ाव का माध्यम हैं।

कानपुर मूल के डॉक्टर विवेक निगम, जो पिछले करीब 20 वर्षों से मेलबर्न में रह रहे हैं, बताते हैं कि मिचम में भारतीय शहरों के नाम वाली सड़कें देखकर भारतीय संस्कृति और इतिहास से जुड़ाव महसूस होता है।

वहीं मेरठ के मवाना क्षेत्र के रहने वाले महेश कौशिक कहते हैं कि मेलबर्न में मेरठ स्ट्रीट देखकर उन्हें अपने गृह जनपद की याद आती है। दिल्ली स्ट्रीट उन्हें उस शहर की याद दिलाती है जहां उन्होंने कई वर्ष बिताए।

दुनिया में अनोखी पहचान बना रहा मिचम

आमतौर पर विदेशों में भारतीय आबादी वाले इलाकों को “मिनी इंडिया” के नाम से जाना जाता है, लेकिन मिचम की खासियत अलग है। यहां भारतीय शहरों के नाम वाली सड़कें भारतीय समुदाय की संख्या की वजह से नहीं, बल्कि इतिहास और पुराने संबंधों की वजह से अस्तित्व में आईं।

मेरठ, दिल्ली, आगरा, लखनऊ, बनारस, शिमला और कोलकाता जैसे नाम आज भी ऑस्ट्रेलिया की धरती पर भारत की विरासत और पुराने रिश्तों की कहानी बयां कर रहे हैं।

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