हिंदी साहित्य में बड़ा सम्मान: वीरेन्द्र ओझा को ‘जैनेन्द्र कुमार उपन्यास पुरस्कार – स्वर्ण’ से नवाजा जाएगा

राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क लखनऊ : प्रयागराज निवासी एवं भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के वरिष्ठ अधिकारी वीरेन्द्र ओझा को हिंदी साहित्य में उनके विशेष योगदान के लिए महाराष्ट्र शासन की ओर से महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी द्वारा दिए जाने वाले “जैनेन्द्र कुमार उपन्यास पुरस्कार – स्वर्ण” के लिए चयनित किया गया है।

महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी द्वारा वर्ष 2023-24 के साहित्य पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। शासन निर्णय के अनुसार, ओझा को उनकी कृति “इलाहाबाद डायरी – एक गैर मामूली दास्तान” के लिए ‘जैनेन्द्र कुमार उपन्यास पुरस्कार – स्वर्ण’ से सम्मानित किया जाएगा।

मुंबई में ‘प्रधान आयकर आयुक्त’ के पद पर कार्यरत ओझा भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के 1993 बैच के अधिकारी हैं। 18 मार्च 2025 को अकादमी द्वारा आयोजित हिंदी साहित्य पुरस्कार समारोह में यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस पुरस्कार के तहत महाराष्ट्र सरकार की ओर से ₹75,000 की नगद राशि, सम्मान चिन्ह, एवं सम्मान पत्र भेंट किए जाएंगे।

साहित्य और खेलों में गहरी रुचि

प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ ओझा साहित्य और खेलों में भी गहरी रुचि रखते हैं। उनके द्वारा रचित काव्य संग्रह “कुछ शब्द मेरे”, उपन्यास “इलाहाबाद डायरी – एक गैर मामूली दास्तान” और “दास्तान और भी है” प्रकाशित हो चुके हैं।

ओझा एक लंबी दूरी के मैराथन धावक भी हैं और उन्होंने कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। दक्षिण अफ्रीका की 89 किमी की कठिन पहाड़ियों वाली अल्ट्रा-मैराथन में कांस्य पदक जीतने के साथ ही, भारत में गुवाहाटी से शिलांग तक 101 किमी की दौड़ ‘स्वच्छ धन अभियान’ के लिए पूरी कर चुके हैं।

साहित्य और खेल में नए आयाम जोड़ते ओझा

हिंदी साहित्य में उत्कृष्ट योगदान और खेलों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए ओझा का यह सम्मान प्रेरणादायक है। ‘इलाहाबाद डायरी – एक गैर मामूली दास्तान’ उपन्यास के लिए जैनेन्द्र कुमार उपन्यास पुरस्कार – स्वर्ण प्राप्त करना उनके साहित्यिक सफर की एक बड़ी उपलब्धि है।

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