“CWG 2026: मुरली श्रीशंकर ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में इस इवेंट में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।“
नई दिल्ली। भारतीय एथलेटिक्स के स्टार खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में खेले जा रहे खेलों में श्रीशंकर ने पुरुषों की लॉन्ग जंप स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पुरुष लॉन्ग जंप में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।
27 वर्षीय श्रीशंकर ने फाइनल में 8.09 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई और दूसरा स्थान हासिल किया। इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भी सिल्वर मेडल जीता था।
ताजे गेले ने जीता गोल्ड, श्रीशंकर ने सिल्वर पर जमाया कब्जा
लॉन्ग जंप फाइनल में जमैका के ताजे गेले ने 8.15 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं स्कॉटलैंड के स्टीफन मैकेंजी ने 8.08 मीटर की छलांग के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
मैकेंजी और श्रीशंकर के प्रदर्शन में सिर्फ एक सेंटीमीटर का अंतर रहा, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक बना रहा।
पहले ही प्रयास में दिखाया दम, दूसरे प्रयास में बनाई बढ़त
मुरली श्रीशंकर ने प्रतियोगिता की शुरुआत शानदार अंदाज में की। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 8.03 मीटर की छलांग लगाई। इसके बाद दूसरे प्रयास में प्रदर्शन सुधारते हुए 8.09 मीटर की छलांग लगाई और कुछ समय के लिए शीर्ष स्थान पर पहुंच गए।
हालांकि जमैका के ताजे गेले ने 8.15 मीटर की छलांग लगाकर बढ़त बना ली। गोल्ड के लिए प्रयास करते हुए श्रीशंकर के दो प्रयास फाउल रहे। उन्होंने पांचवें प्रयास में 7.94 मीटर और अंतिम प्रयास में 7.97 मीटर की छलांग लगाई, लेकिन स्वर्ण पदक से छह सेंटीमीटर दूर रह गए।
गंभीर चोट के बाद श्रीशंकर की शानदार वापसी
श्रीशंकर की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने गंभीर चोट से उबरने के बाद यह वापसी की है। पटेलर टेंडन इंजरी के कारण वह पेरिस ओलंपिक से बाहर हो गए थे और लंबे समय तक मैदान से दूर रहे थे।
वापसी के बाद उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया और इस सीजन में कई बार 8 मीटर से अधिक की छलांग लगाई। भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने इस सीजन की सर्वश्रेष्ठ 8.38 मीटर छलांग लगाई थी।
कॉमनवेल्थ गेम्स में दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय लॉन्ग जम्पर
श्रीशंकर से पहले भारत के लिए लॉन्ग जंप में कुछ ही एथलीट पदक जीत पाए थे। इनमें पुरुष वर्ग में सुरेश बाबू (1978 ब्रॉन्ज), महिला वर्ग में अंजू बॉबी जॉर्ज (2002 ब्रॉन्ज) और एम प्रजुषा (2010 सिल्वर) शामिल हैं।
लेकिन श्रीशंकर ऐसे पहले भारतीय पुरुष लॉन्ग जम्पर बन गए हैं जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में दो पदक अपने नाम किए हैं।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने दी बधाई
श्रीशंकर की ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने इसे भारतीय एथलेटिक्स के लिए गर्व का क्षण बताया।
मांडविया ने कहा कि श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की शानदार छलांग लगाकर कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता है और देश का गौरव बढ़ाया है।
भारत की पदक तालिका में इजाफा
CWG 2026 के सातवें दिन श्रीशंकर के सिल्वर मेडल के साथ भारत की कुल पदक संख्या 15 हो गई है। भारत के खाते में अब तक 3 गोल्ड, 9 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
मुरली श्रीशंकर की यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक बड़ी प्रेरणा मानी जा रही है और आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए उनके मजबूत वापसी संकेत के रूप में देखी जा रही है।
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