होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर अमेरिका को झटका, सहयोगी देशों ने वॉरशिप भेजने से किया इनकार

“Iran Israel War News: होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए अमेरिका की अपील के बावजूद जापान और ऑस्ट्रेलिया ने युद्धपोत भेजने से इनकार कर दिया। इस बीच ईरान ने सेजिल बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया और मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ गया। जानिए वैश्विक तेल सप्लाई और भारत पर क्या असर पड़ सकता है।”

मुख्य बिंदु:

  • अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध का आज 17वां दिन
  • जापान और ऑस्ट्रेलिया ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए वॉरशिप भेजने से इनकार किया।
  • अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस रूट की सुरक्षा के लिए सहयोगी देशों से मदद मांगी थी।
  • दुनिया का करीब 20% तेल होर्मुज स्ट्रेट के जरिए गुजरता है।
  • ईरान ने इजराइल पर ‘सेजिल’ बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने का दावा किया, जिसकी रेंज 2000-2500 किमी बताई जा रही है।
  • युद्ध के असर से जापान में तेल की किल्लत, सरकार ने रणनीतिक भंडार से तेल जारी किया।
  • दुबई एयरपोर्ट के पास आग लगने से कुछ उड़ानें डायवर्ट की गईं।
  • UAE में 19 भारतीय गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर फेक न्यूज फैलाने का आरोप।
  • रिपोर्ट के अनुसार चाबहार फ्री ट्रेड जोन के पास अमेरिकी हमले की भी खबर।
  • इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में जमीनी अभियान शुरू किया, क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है।

तेल अवीव/तेहरान। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का सोमवार को 17वां दिन है। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका की अपील के बावजूद जापान और ऑस्ट्रेलिया ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत भेजने से इनकार कर दिया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए सहयोगी देशों से मदद मांगी थी, क्योंकि दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से होती है। हालांकि जापान और ऑस्ट्रेलिया ने फिलहाल इसमें सैन्य भागीदारी से दूरी बना ली है।

जापान ने नौसेना भेजने से किया इनकार

जापान की प्रधानमंत्री सना ताकाइची ने संसद में कहा कि फिलहाल टोक्यो का होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए नौसेना भेजने का कोई इरादा नहीं है।
जापान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस मार्ग पर काफी निर्भर है। देश का लगभग 90% कच्चा तेल और करीब 11% एलएनजी इसी रास्ते से आता है।

हालांकि युद्ध के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। इसी के चलते जापान ने अपने रणनीतिक भंडार से तेल निकालना शुरू कर दिया है। जापानी मीडिया के अनुसार यह जारी किया गया ईंधन लगभग 15 दिनों की खपत के बराबर है।

ऑस्ट्रेलिया ने भी सैन्य सहयोग से दूरी बनाई

ऑस्ट्रेलिया ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वह होर्मुज स्ट्रेट में अपने युद्धपोत नहीं भेजेगा।
ऑस्ट्रेलिया की परिवहन मंत्री कैथरीन किंग ने कहा कि उनका देश पहले ही क्षेत्र में मानवीय सहायता और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए विमान उपलब्ध करा रहा है, लेकिन समुद्री सैन्य मिशन में शामिल नहीं होगा।

ऑस्ट्रेलिया खुद एलएनजी का निर्यात करता है, लेकिन पेट्रोल, डीजल और जेट ईंधन जैसे रिफाइंड फ्यूल के लिए आयात पर निर्भर है। उसके कच्चे तेल का लगभग 40-60% हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है।

ट्रम्प ने सहयोगी देशों पर बनाया दबाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सहयोगी देशों पर दबाव बढ़ाते हुए कहा कि जो देश इस मार्ग से तेल लेते हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा में योगदान देना चाहिए।

ट्रम्प ने चेतावनी दी कि यदि सहयोगी देश मदद नहीं करते हैं तो नाटो (NATO) के भविष्य पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका लंबे समय से अपने सहयोगियों के लिए खड़ा रहा है, अब समय है कि वे भी अमेरिका का साथ दें।

ईरान ने दागी ‘सेजिल’ बैलिस्टिक मिसाइल

इस बीच ईरान ने इजराइल के सैन्य ठिकानों पर ‘सेजिल’ बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने का दावा किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार यह सॉलिड फ्यूल से चलने वाली रणनीतिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता करीब 2000 से 2500 किलोमीटर तक है।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह मिसाइल मध्य-पूर्व के कई देशों के अलावा यूरोप और एशिया के कुछ हिस्सों तक भी पहुंच सकती है।

दुबई और इराक में भी हमले

युद्ध का असर खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों में भी दिखाई देने लगा है। दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास ईंधन टैंक में आग लगने के बाद कुछ उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा।

वहीं इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास और एयरबेस के पास ड्रोन दिखाई देने के बाद वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी गई।

चाबहार क्षेत्र में भी हमले की खबर

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के चाबहार फ्री ट्रेड जोन के पास स्थित सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। यह क्षेत्र भारत के लिए भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत ने 2024 में चाबहार बंदरगाह को 10 वर्षों के लिए लीज पर लिया था।

UAE में 19 भारतीय गिरफ्तार

युद्ध के बीच संयुक्त अरब अमीरात ने सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो और गलत जानकारी फैलाने के आरोप में 35 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 19 भारतीय भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी के बाद यह कार्रवाई की गई।

क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा

इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में जमीनी अभियान शुरू कर दिया है, जबकि ईरान समर्थित समूह इराक और अन्य क्षेत्रों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही और बाधित हुई तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संघर्ष के कूटनीतिक समाधान की कोशिशों में जुटा हुआ है।

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