“भारत सरकार ने इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों में बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर मेटा को सख्त नोटिस भेजा है। IT मंत्रालय ने ऐसे सभी कंटेंट हटाने और 7 दिनों में जवाब देने का आदेश दिया है।“
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर पेड विज्ञापनों के जरिए बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार (CSEAM) से जुड़े कंटेंट को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने प्लेटफॉर्म की मूल कंपनी मेटा को नोटिस जारी कर ऐसे सभी कंटेंट को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं।
आईटी मंत्रालय की सख्त कार्रवाई
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा है कि इंस्टाग्राम पर चल रहे ऐसे विज्ञापन और कंटेंट, जो किसी भी रूप में बच्चों के यौन शोषण या उससे जुड़े मैटेरियल को बढ़ावा देते हैं, उन्हें तुरंत हटाया जाए। मंत्रालय ने इसे गंभीर सुरक्षा और कानूनी उल्लंघन का मामला बताया है।
7 दिन में मांगा गया जवाब
सरकार ने मेटा को निर्देश दिया है कि वह इस पूरे मामले पर 7 दिनों के भीतर विस्तृत जवाब दे और यह स्पष्ट करे कि इस तरह के कंटेंट प्लेटफॉर्म पर कैसे पहुंचे और भविष्य में इन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
डिजिटल सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
इस मामले ने देश में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की मॉडरेशन नीतियों और डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और मजबूत एआई-आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम की जरूरत है।
सरकार की कड़ी नजर
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस पूरे मामले पर कड़ी नजर रखे हुए है और यदि प्लेटफॉर्म की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो आगे और सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”









