ट्रंप ने पाकिस्तान भेजे दूत, ईरान बोला—सीधी बातचीत नहीं

डोनाल्ड ट्रंप ने स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर को पाकिस्तान भेजा- अब्बास अराघची बोले, सीधी बातचीत नहीं होगी

ट्रंप प्रशासन ने दूत पाकिस्तान भेजे, लेकिन ईरान ने सीधी बातचीत से इनकार किया। इस्लामाबाद में शांति वार्ता पर सस्पेंस, जानें ताज़ा अपडेट।

नई दिल्ली। Iran War LIVE अपडेट के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बना हुआ है। Donald Trump प्रशासन ने शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अपने विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner को पाकिस्तान भेजा है। दोनों दूत इस्लामाबाद में ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से बातचीत करने वाले हैं।

हालांकि, ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि इस यात्रा के दौरान अमेरिका के साथ कोई सीधी वार्ता नहीं होगी। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा और दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करेगा।

इसी बीच Islamabad में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। रेड जोन समेत कई प्रमुख इलाकों में लॉकडाउन जैसे हालात हैं, सड़कों को सील कर दिया गया है और भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। बाजारों में सन्नाटा है और सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुआ है।

पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता कराने की कोशिश कर रहा है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

दूसरी ओर, ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए चीन स्थित एक बड़ी रिफाइनरी और करीब 40 शिपिंग कंपनियों पर आर्थिक प्रतिबंध भी लगाए हैं। इसका उद्देश्य ईरान के तेल निर्यात को रोकना और उसकी आर्थिक क्षमता को कमजोर करना बताया जा रहा है।

युद्ध के असर अब वैश्विक स्तर पर भी दिखने लगे हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हुआ है और कई कंपनियां वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे लागत में भारी बढ़ोतरी हो रही है।

मौजूदा हालात में यह स्पष्ट है कि मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन सीधे संवाद की कमी के चलते समाधान की राह अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

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