
“ईरान पर अमेरिकी हमलों में 11 लोगों की मौत का दावा किया गया है। जवाब में ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन के आसपास अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ने से तेल बाजार भी प्रभावित हुआ है।“
नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच महीनों से जारी तनाव एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव में बदलता दिख रहा है। मंगलवार रात ईरान में अमेरिकी हमलों के बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया। ईरानी सरकारी मीडिया ने अमेरिकी हमलों में कम से कम 11 लोगों की मौत और 68 लोगों के घायल होने की जानकारी दी है। मृतकों में एक बच्चा भी शामिल बताया गया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसकी कार्रवाई ईरान के सैन्य ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम, रडार और समुद्री संसाधनों को निशाना बनाकर की गई। वहीं, ईरान ने अमेरिकी हमलों को नागरिक इलाकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई बताया है। दोनों पक्षों के दावों के बीच क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया है।
ईरान के खुजेस्तान में सात लोगों की मौत का दावा
ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, अमेरिका ने दक्षिण-पश्चिमी खुजेस्तान प्रांत में तीन स्थानों पर मिसाइल हमले किए। प्रांतीय अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि इन हमलों में सात लोगों की मौत हुई और आठ अन्य घायल हुए।
इससे पहले ईरानी रेड क्रिसेंट ने दक्षिणी सिरिक काउंटी में एक शादी समारोह के दौरान अमेरिकी हमले में चार लोगों की मौत और 50 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी। बाद में होर्मोजगान प्रांत के उप-गवर्नर अहमद नफीसी ने घायलों की संख्या 68 बताई। उनके अनुसार, कुहेस्तक इलाके में जिस घर में शादी समारोह चल रहा था, वहां हमला हुआ।
ईरान ने दी कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
हमले के बाद ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के अध्यक्ष इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरानी सशस्त्र बल हमले का जवाब देंगे।
ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने भी कहा कि इस कार्रवाई का जवाब जल्द दिया जाएगा। ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ और संयुक्त सैन्य कमान ने अमेरिका के खिलाफ “कुचल देने वाले और विनाशकारी हमलों” की चेतावनी दी।
अमेरिका ने कहा- निशाना सैन्य ठिकाने, नागरिक नहीं
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने ईरानी हमलों में नागरिकों के मारे जाने की खबरों पर कहा कि अमेरिकी सेना को इसकी जानकारी है। हालांकि उन्होंने इन दावों के स्रोत को ईरानी सरकारी मीडिया बताया।
हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सेना कभी नागरिकों को निशाना नहीं बनाती। CENTCOM के मुताबिक, ताजा अमेरिकी कार्रवाई में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार और समुद्री सैन्य संसाधनों को निशाना बनाया गया।
अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की ओर से वाणिज्यिक जहाजों और मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी बलों को निशाना बनाने की कोशिशों के जवाब में की गई।
ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का किया जिक्र
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिकी हमले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास ईरानी ठिकानों पर किए गए। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश की थी और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर आठ मिसाइलें दागी थीं, जिन्हें मार गिराया गया।
ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान ने जवाबी कार्रवाई की तो अमेरिका इससे भी अधिक कड़ा हमला कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे बड़ा हमला अभी “बाद के लिए” रखा गया है।
बुधवार सुबह एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए दबाव बनाने की कोशिश नहीं कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर लगभग पूरा नियंत्रण हासिल है और ईरान की अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर दबाव है।
ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन पर हमले किए
अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जॉर्डन के अकाबा की खाड़ी के तट पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया।
जॉर्डन की सेना के अनुसार, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 10 मिसाइलों को रोक दिया, जबकि तीन मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। अकाबा के ऊपर मिसाइलों को रोकने के दौरान विस्फोट दिखाई देने की खबर भी सामने आई।
कुवैत की सेना ने भी ड्रोन हमले रोकने का दावा किया। दूसरी ओर ईरान ने बहरीन में अमेरिकी बलों को निशाना बनाकर ड्रोन हमला करने की बात कही, लेकिन बहरीन ने कहा कि सभी हमलों को रोक दिया गया।
बंदर अब्बास और होर्मुज क्षेत्र में तेज धमाके
ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में भी कई धमाकों की खबर सामने आई। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित बंदर अब्बास में स्थानीय लोगों ने तेज विस्फोटों और शहर के पूर्वी हिस्से से धुआं उठने की जानकारी दी।
ईरानी सरकारी टेलीविजन के मुताबिक, क्यूशम द्वीप पर एक फिशमील फैक्ट्री और होर्मोजगान प्रांत में कई नागरिक ठिकाने भी हमले की चपेट में आए। सिरिक में एक मछली पकड़ने का घाट और बंदरगाह एवं समुद्री संगठन की एक इमारत को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।
ईरानी मीडिया ने मध्य ईरान के केरमान प्रांत में जिरोफ्ट एयरपोर्ट के बाहर भी अमेरिकी हमले की जानकारी दी। हालांकि, उसके मुताबिक रनवे के बाहर गिरे प्रोजेक्टाइल से किसी की मौत या एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं हुआ।
बिजली नेटवर्क पर भी असर
ईरान की बिजली ग्रिड प्रबंधन कंपनी तवानिर के हवाले से बताया गया कि होर्मोजगान प्रांत के बिजली नेटवर्क के कुछ हिस्से भी हमलों से प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम शुरू किया।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना टकराव का केंद्र
अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा टकराव में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक बन गया है। ईरान के तट से लगा यह संकरा समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है।
युद्ध के दौरान ईरान ने इस जलमार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। ताजा सैन्य टकराव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में इस सप्ताह करीब सात प्रतिशत की तेजी आ चुकी है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
सीजफायर पर फिर लौटने का संकेत दे चुका है ईरान
दिलचस्प बात यह है कि ताजा अमेरिकी हमलों से कुछ घंटे पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका के साथ अंतरिम संघर्षविराम समझौते पर लौटने की इच्छा जताई थी।
शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में पेजेशकियन ने कहा था कि यदि अमेरिका जून में हुए समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं पर वापस लौटता है, तो ईरान भी तत्काल इसका जवाब देगा।
जून में हुए अंतरिम समझौते में तत्काल संघर्षविराम और 60 दिनों के भीतर व्यापक समझौते के लिए बातचीत शुरू करने का प्रावधान था। हालांकि, यह प्रक्रिया जल्द ही पटरी से उतर गई और दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव फिर बढ़ गया।
ताजा अमेरिकी हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद अब क्षेत्र में संघर्ष के और व्यापक होने की आशंका बढ़ गई है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी नए सैन्य घटनाक्रम का असर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”







