
“Lucknow Vibhuti Khand Bus Port: गोमतीनगर में 70 प्लेटफॉर्म वाला अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस पोर्ट दिसंबर के पहले सप्ताह में शुरू होगा। यहां यात्रियों को एसी लाउंज, डिजिटल स्क्रीन, फूड कोर्ट, होटल और ईवी चार्जिंग समेत कई सुविधाएं मिलेंगी।
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लखनऊ। राजधानी लखनऊ को जल्द ही एक और अत्याधुनिक बस टर्मिनल की सौगात मिलने जा रही है। गोमतीनगर के विभूति खंड में तैयार किया जा रहा आधुनिक बस पोर्ट दिसंबर के पहले सप्ताह में शुरू करने की तैयारी है। करीब 30 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित हो रहा यह बस पोर्ट 70 प्लेटफॉर्म वाला इलेक्ट्रिक बस हब होगा। यहां से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के लिए इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा।
निजी सार्वजनिक सहभागिता (पीपीपी) के तहत विकसित किए जा रहे इस बस पोर्ट को यात्रियों की सुविधा और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। बसों के संचालन के साथ यहां यात्रियों को खरीदारी, खानपान, मनोरंजन और ठहरने जैसी सुविधाएं भी एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
दिसंबर के पहले सप्ताह में शुरू करने की तैयारी
उत्तर प्रदेश में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बस स्टेशनों के निर्माण की योजना के तहत कुल 23 बस स्टेशनों को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। इसके लिए डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, आपरेट एंड ट्रांसफर (डीबीएफटी) मॉडल अपनाया गया है।
पहले चरण में राजधानी लखनऊ के विभूति खंड गोमतीनगर, चारबाग और अमौसी बस स्टेशनों का चयन किया गया था। इनमें विभूति खंड का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। परिवहन निगम दिसंबर के पहले सप्ताह में इसका शुभारंभ कराने की तैयारी में जुटा है।
आलमबाग टर्मिनल से भी बड़ा होगा नया बस पोर्ट
लखनऊ का आलमबाग बस टर्मिनल लंबे समय से यात्री सुविधाओं के मामले में आधुनिक बस अड्डे के रूप में पहचान रखता है। इसे भी पीपीपी मॉडल पर विकसित किया गया था। अब विभूति खंड का नया बस पोर्ट सुविधाओं और क्षेत्रफल के लिहाज से उससे आगे निकलने की तैयारी में है।
आलमबाग बस टर्मिनल करीब 23,274 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बना है, जबकि विभूति खंड का नया बस पोर्ट करीब 30 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। यहां सिर्फ बसों के संचालन की व्यवस्था ही नहीं होगी, बल्कि बसों के रखरखाव के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
70 प्लेटफॉर्म के साथ 29 हजार वर्गमीटर में कार्यशाला
विभूति खंड बस पोर्ट में बसों के लिए 70 प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा बसों की मरम्मत और रखरखाव के लिए परिसर में ही करीब 29 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में क्षेत्रीय डिपो कार्यशाला भी विकसित की जा रही है।
इससे बसों के संचालन और उनके रखरखाव की व्यवस्था एक ही परिसर से की जा सकेगी। खास बात यह है कि बस पोर्ट को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक बसों के लिए तैयार किया जा रहा है।
डीजल बसों की जगह इलेक्ट्रिक बसों का होगा संचालन
विभूति खंड बस पोर्ट से डीजल बसों का संचालन नहीं किया जाएगा। इसे विशेष रूप से इलेक्ट्रिक बसों के हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां से प्रदेश के अलग-अलग शहरों और क्षेत्रों के लिए इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित है।
इसी योजना के तहत परिवहन निगम ने 250 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की प्रक्रिया भी शुरू की है। आने वाले समय में इन बसों की संख्या और संचालन का दायरा बढ़ाए जाने की संभावना है।
यात्रियों के लिए एसी लाउंज और डिजिटल स्क्रीन
नए बस पोर्ट में यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। यहां बड़ा और आरामदायक एसी वेटिंग लाउंज बनाया जा रहा है। यात्रियों को बसों के आने-जाने और समय की जानकारी देने के लिए बड़ी डिजिटल स्क्रीन लगाई जाएगी।
इसके अलावा ऑटोमेटिक टिकटिंग सिस्टम की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इससे टिकट लेने की प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए लिफ्ट-एस्केलेटर
बस पोर्ट को सभी वर्ग के यात्रियों के लिए सुगम बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। बुजुर्ग और दिव्यांग यात्री परिसर में आसानी से आवाजाही कर सकें, इसके लिए लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध होगी।
परिसर में 24 घंटे सीसी कैमरों से निगरानी की जाएगी। सुरक्षा के लिए आधुनिक सुरक्षा चौकी भी स्थापित की जा रही है।
पीवीआर, फूड कोर्ट और रिटेल स्टोर भी होंगे
यह बस पोर्ट सिर्फ बसों के संचालन तक सीमित नहीं रहेगा। यात्रियों के लिए यहां ब्रांडेड शोरूम, रिटेल स्टोर, पीवीआर और फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। फूड कोर्ट में देश-विदेश के विभिन्न व्यंजनों का विकल्प मिलने की योजना है।
यात्रियों को खरीदारी और मनोरंजन की सुविधा भी बस पोर्ट परिसर में ही मिलेगी। इससे इसे सामान्य बस अड्डे के बजाय आधुनिक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करने की योजना है।
फाइव स्टार होटल और स्टूडियो अपार्टमेंट की सुविधा
बस पोर्ट परिसर में यात्रियों और बिजनेस क्लास के लोगों के ठहरने के लिए फाइव स्टार होटल और स्टूडियो अपार्टमेंट की सुविधा भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही कॉरपोरेट कंपनियों के लिए आधुनिक ऑफिस स्पेस भी उपलब्ध कराया जाएगा।
इस तरह बस पोर्ट को परिवहन के साथ कारोबार और वाणिज्यिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की तैयारी है।
पार्किंग से ईवी चार्जिंग तक की सुविधा
वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग स्पेस की व्यवस्था की जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए परिसर में ईवी चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वर्टिकल गार्डन, ग्रीन जोन और वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम भी विकसित किया जा रहा है। इससे बस पोर्ट परिसर को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की कोशिश की जा रही है।
मेडिकल सेंटर, फार्मेसी और क्लाक रूम भी
यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बस पोर्ट में आधुनिक टायलेट, इमरजेंसी मेडिकल सुविधा, फार्मेसी, बैंक-एटीएम और क्लाक रूम जैसी सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। इसके अलावा डारमेट्री, दुकानें, हास्टल और पुलिस बूथ की भी व्यवस्था की जा रही है।
परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभुनाथ सिंह के अनुसार, गोमतीनगर विभूति खंड का यह मॉडल बस स्टेशन इसी वर्ष शुरू करने की तैयारी है। दिसंबर के पहले सप्ताह में इसके शुभारंभ का लक्ष्य रखा गया है।
एक नजर में बस पोर्ट की खासियत
- स्थान: विभूति खंड, गोमतीनगर, लखनऊ
- क्षेत्रफल: करीब 30 हजार वर्गमीटर
- बस प्लेटफॉर्म: 70
- बसों का प्रकार: इलेक्ट्रिक बसें
- कार्यशाला: करीब 29 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में
- प्रस्तावित शुरुआत: दिसंबर 2026 का पहला सप्ताह
- मुख्य सुविधाएं: एसी वेटिंग लाउंज, डिजिटल स्क्रीन, ऑटोमेटिक टिकटिंग, लिफ्ट, एस्केलेटर, सीसीटीवी, फूड कोर्ट, पीवीआर, रिटेल स्टोर, होटल और ईवी चार्जिंग स्टेशन
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