“जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भलेसा क्षेत्र में बादल फटने से फसलें, बाग-बगीचे और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। कई सड़कें बंद होने से इलाके का संपर्क टूट गया। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है।“
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बुधवार को भारी बारिश और बादल फटने की घटना के बाद व्यापक तबाही देखने को मिली। जिले के भलेसा क्षेत्र के खलजुगासर इलाके में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने फसलों, बाग-बगीचों और निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, प्राकृतिक आपदा के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं। प्रशासनिक टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
खड़ी फसलें और फलदार बाग-बगीचे हुए बर्बाद
बादल फटने के बाद पहाड़ी क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की ओर आया, जिससे कृषि भूमि को गंभीर नुकसान पहुंचा। किसानों की खड़ी फसलें और फलदार बाग-बगीचे पानी और मलबे की चपेट में आ गए। कई किसानों ने अपनी पूरी सीजन की फसल बर्बाद होने की आशंका जताई है।
इसके अलावा कई मकानों, पशुशालाओं और अन्य निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है।
कई सड़कें बंद, घंटों तक कटा रहा भट्यास इलाका
भारी बारिश और मलबा आने के कारण क्षेत्र की कई प्रमुख सड़कें बंद हो गईं। सड़क संपर्क टूटने से भलेसा का भट्यास इलाका घंटों तक अन्य क्षेत्रों से कटा रहा। आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
प्रशासन ने सड़कें खोलने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनरी को मौके पर लगाया है ताकि यातायात जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।
कश्तीगढ़ क्षेत्र में भी बाढ़ जैसे हालात
डोडा जिले के कश्तीगढ़ क्षेत्र में भी मूसलाधार बारिश के चलते अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
जल स्रोत उफान पर, निचले इलाकों में भरा पानी
बादल फटने और लगातार बारिश के कारण क्षेत्र के कई नाले और जल स्रोत उफान पर आ गए। इससे निचले इलाकों में जलभराव और मिट्टी कटाव की समस्या उत्पन्न हो गई है। स्थानीय लोगों को दैनिक जरूरतों और आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल भेजे जाएंगे।
मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके मद्देनजर लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
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