“लखनऊ में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रभक्ति और त्याग का अमर मंत्र है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा दी। सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में शाहू जी महाराज का योगदान प्रेरणादायी है।“
लखनऊ।केशव प्रसाद मौर्य श्रद्धांजलि के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय तथा सामाजिक न्याय के प्रतीक राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज को उनकी जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास सात कालिदास मार्ग पर आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं बल्कि माँ भारती के प्रति अटूट प्रेम, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का अमर मंत्र है। उन्होंने कहा कि इस गीत ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लाखों क्रांतिकारियों में ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया।
उन्होंने आगे कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपनी कालजयी रचना ‘आनंदमठ’ के माध्यम से देश में राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत किया। उनका साहित्य आज भी युवाओं को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।
राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि छत्रपति शाहू जी महाराज ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को शिक्षा, सम्मान और समान अवसर दिलाने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि शाहू जी महाराज ने सामाजिक न्याय को केवल विचार नहीं बनाया, बल्कि उसे जमीन पर लागू कर समाज में वास्तविक परिवर्तन की नींव रखी।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और शाहू जी महाराज जैसे महापुरुषों का जीवन राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
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