महिला आरक्षण पर सियासी टकराव: रिजिजू बोले—विपक्ष ने किया विश्वासघात, अपने वादे से पलटा

केंद्रीय मंत्री का आरोप—कांग्रेस और सपा ने समर्थन का भरोसा देकर बदला रुख; विपक्ष ने कहा—सरकार देरी कर रही

“महिला आरक्षण विधेयक पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि उन्होंने पहले समर्थन दिया और बाद में अपने रुख से पलट गए।”

हाइलाइट्स:

  • महिला आरक्षण पर केंद्र और विपक्ष आमने-सामने
  • किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर ‘विश्वासघात’ का आरोप लगाया
  • सपा की ओर से मुस्लिम महिलाओं के कोटा की मांग पर विवाद
  • सरकार का दावा—2029 से लागू कराने की तैयारी
  • कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक की मांग की

नई दिल्ली। महिला आरक्षण को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने पहले महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में अपने रुख से पलट गए।

रिजिजू ने कहा कि सरकार को उम्मीद थी कि इस अहम विधेयक पर सभी दल एकमत होंगे, लेकिन विपक्ष के रुख में अचानक बदलाव ने विधेयक को पारित होने से रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि “2023 में सभी दलों ने समर्थन किया था, लेकिन 2026 आते-आते वे अपनी बात से पीछे हट गए।”

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, विशेष सत्र से पहले विपक्षी दलों के साथ बातचीत के दौरान किसी ने भी विधेयक का विरोध नहीं किया था, लेकिन बाद में समाजवादी पार्टी ने मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग कोटा की मांग उठाकर नई बाधा खड़ी कर दी। रिजिजू ने इसे “बहाना” करार देते हुए कहा कि यह संविधान के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार महिला आरक्षण को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से यह विधेयक लाया गया था, ताकि जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 2029 से महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिल सके।

रिजिजू ने विपक्ष पर राजनीतिक स्वार्थ का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावी कारणों से राष्ट्र-निर्माण के कार्यों को नहीं रोका जा सकता। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिला मतदाता भविष्य में ऐसे रुख का जवाब देंगी।

दूसरी ओर, कांग्रेस पहले ही सरकार पर महिला आरक्षण को लागू करने में देरी का आरोप लगा चुकी है और सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर समाधान निकालने की मांग कर रही है।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button