‘टाइट शेड्यूल से खिलाड़ियों को खत्म कर रहा BCCI’, ललित मोदी ने बोर्ड पर लगाए गंभीर आरोप

IPL के पूर्व चेयरमैन बोले—खिलाड़ियों को आराम और परिवार के लिए समय मिलना जरूरी, अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की टाइमिंग पर उठाए सवाल

“Lalit Modi on BCCI: IPL के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने BCCI पर खिलाड़ियों को अत्यधिक व्यस्त शेड्यूल देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को आराम और परिवार के साथ समय मिलना चाहिए।”

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने भारतीय क्रिकेट प्रशासन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पर खिलाड़ियों पर अत्यधिक दबाव डालने और अत्यधिक व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर तैयार करने का आरोप लगाया है। ललित मोदी ने कहा कि लगातार मैचों और सीमित आराम अवधि के कारण खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है।

ललित मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब इंडियन प्रीमियर लीग 2026 सीजन के बाद भारतीय टीम का अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम बेहद व्यस्त माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, IPL समाप्त होने के कुछ ही दिनों बाद भारत और अफगानिस्तान के बीच श्रृंखला प्रस्तावित है। इससे खिलाड़ियों को आराम का पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने बयान में ललित मोदी ने कहा कि खिलाड़ियों को केवल मैदान पर प्रदर्शन करने वाली मशीन नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि खिलाड़ियों को परिवार के साथ समय बिताने और मानसिक रूप से तरोताजा होने का अवसर मिलना चाहिए।

पूर्व IPL चेयरमैन ने कहा कि लगातार व्यस्त कार्यक्रम खिलाड़ियों के करियर और फिटनेस दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। उन्होंने क्रिकेट बोर्ड से खिलाड़ियों के हितों को प्राथमिकता देने और शेड्यूल को संतुलित बनाने की अपील की।

ललित मोदी ने बोर्ड की प्रशासनिक संरचना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सुझाव दिया कि क्रिकेट प्रशासन में पेशेवर नेतृत्व की आवश्यकता है और खिलाड़ियों की भलाई को नीति निर्माण के केंद्र में रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड में ऐसे लोगों की भूमिका बढ़नी चाहिए जो खिलाड़ियों की जरूरतों और दबाव को बेहतर तरीके से समझते हों।

उन्होंने क्रिकेट स्टेडियमों और दर्शकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, केवल राजस्व और व्यावसायिक लाभ पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय खेल के मानवीय पक्ष को महत्व दिया जाना चाहिए।

हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर और फ्रेंचाइजी लीगों के बढ़ते प्रभाव के कारण खिलाड़ियों के कार्यभार को लेकर लगातार बहस होती रही है। कई पूर्व क्रिकेटर भी पहले खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट और मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता जता चुके हैं।

हालांकि, इस मामले पर अभी तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन ललित मोदी के बयान ने क्रिकेट जगत में खिलाड़ियों के वर्कलोड और शेड्यूलिंग को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

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