“लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल 54 वोटों से गिर गया। 298 सांसदों ने समर्थन किया, लेकिन 2/3 बहुमत (352) न मिलने से बिल पास नहीं हो सका। यह पार्लियामेंट ऑफ इंडिया में मोदी सरकार की पहली विधायी असफलता मानी जा रही है।”
नई दिल्ली: महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन बिल को Lok Sabha में बड़ा झटका लगा है। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया। कुल 528 सांसदों ने मतदान में हिस्सा लिया, लेकिन बिल को पास कराने के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत (352 वोट) नहीं मिल पाया।
इस तरह यह बिल 54 वोटों से गिर गया। 11 साल के शासनकाल में यह पहला मौका है जब नरेंद्र मोदी सरकार संसद में कोई महत्वपूर्ण बिल पास कराने में विफल रही है।
बहस के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने करीब एक घंटे का भाषण दिया और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर बिल पास नहीं होता तो इसकी जिम्मेदारी विपक्ष की होगी।
लोकसभा में इस बिल पर करीब 21 घंटे चर्चा चली, जिसमें 130 सांसदों ने अपने विचार रखे, जिनमें 56 महिला सांसद शामिल थीं। अब इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान और तेज होने की संभावना है।









