
“Mayawati दिल्ली रवाना, पार्टी पदाधिकारियों को संगठन मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने का टास्क दिया। यूपी राजनीति में हलचल तेज।“
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री Mayawati बुधवार को अचानक लखनऊ से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (formerly Twitter) पर पोस्ट के माध्यम से साझा की। मायावती ने कहा कि वह पार्टी के जरूरी कार्यों के लिए दिल्ली जा रही हैं और कार्य पूर्ण होते ही शीघ्र वापस लौटेंगी।
कार्यकर्ताओं को दिए स्पष्ट निर्देश
दिल्ली रवाना होने से पहले मायावती ने पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि उन्हें सौंपे गए कार्यों को समयबद्ध और पूरी निष्ठा के साथ पूरा करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और पार्टी की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने पर जोर दिया।
बैठकों में बताने होंगे बसपा सरकार के कार्य
बसपा सुप्रीमो ने निर्देश दिया कि कार्यकर्ता गांव-गांव और शहर-शहर बैठकों का आयोजन कर जनता को बसपा शासनकाल में हुए विकास कार्यों की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बने कई एक्सप्रेस-वे और नोएडा में एयरपोर्ट जैसी बड़ी परियोजनाओं की रूपरेखा बसपा सरकार के समय ही तैयार की गई थी।
मायावती ने यह भी आरोप लगाया कि उस समय केंद्र में रही कांग्रेस सरकार ने जातिवादी मानसिकता के कारण कई परियोजनाओं में बाधाएं उत्पन्न कीं, जिससे ये कार्य पूरी तरह समय पर पूरे नहीं हो सके।
‘कानून द्वारा कानून का राज’ पर जोर
मायावती ने अपने संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश का समुचित विकास, बेहतर कानून व्यवस्था और सर्वसमाज की उन्नति केवल बसपा के “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” सिद्धांत पर आधारित शासन में ही संभव है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इस संदेश को जनता तक मजबूती से पहुंचाएं।
महिला आरक्षण पर पार्टी का रुख दोहराया
बसपा प्रमुख ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि 15 अप्रैल को जो रुख पार्टी ने अपनाया था, वही कायम रहेगा। साथ ही उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि पार्टी अनुशासन का पालन करते हुए किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन से दूर रहें।
चुनावी तैयारियों पर फोकस
मायावती ने 31 मार्च को लखनऊ में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक और 22 फरवरी की ऑल इंडिया बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों को दोहराते हुए कहा कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन विस्तार, कैडर निर्माण और जनाधार बढ़ाने के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।
दिल्ली रवाना होने से पहले मायावती ने साफ कर दिया है कि बसपा अब संगठनात्मक मजबूती, आर्थिक संसाधनों के विस्तार और चुनावी रणनीति पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है। कार्यकर्ताओं को दिए गए निर्देशों से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी आने वाले चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर खुद को फिर से मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”







