
“नेपाल में हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। सुनसरी हिंसा के बाद यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल से लगी भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। एसएसबी और पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है।“
नई दिल्ली। नेपाल में हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। पहाड़ी क्षेत्रों से शुरू हुआ आंदोलन अब मधेश और भारत से सटे तराई क्षेत्रों तक फैल गया है। हाल ही में नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज में दो समुदायों के बीच हुई हिंसा के बाद स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
हिंसा के बाद नेपाल के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन तेज हो गए हैं। बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत ने भी उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से लगी नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और राज्य पुलिस को सीमा पर 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
एसएसबी अधिकारियों के अनुसार सीमा से आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति और वाहन की सघन जांच की जा रही है। कई संवेदनशील सीमा चौकियों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं।
15 से अधिक हिंदूवादी संगठन एक मंच पर
नेपाल में संयुक्त हिंदू मोर्चा, हिंदू सम्राट सेना, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी, महाकाल युवा शक्ति और हिंदू युवा संघ समेत 15 से अधिक संगठन 13 सूत्रीय मांगों को लेकर एकजुट हो गए हैं। ये संगठन रैलियों, ज्ञापन और जनसंपर्क अभियानों के जरिए आंदोलन को राष्ट्रव्यापी स्वरूप देने की कोशिश कर रहे हैं।
सुनसरी हिंसा में तीन प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद आंदोलन और तेज हो गया। हालांकि नेपाल सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मूल मांगों पर अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
यूपी के सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, महाराजगंज, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर सहित नेपाल सीमा से जुड़े जिलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। प्रमुख सीमा मार्गों पर आने-जाने वाले लोगों की गहन जांच की जा रही है।
बिहार और बंगाल में भी सख्त निगरानी
बिहार के मधुबनी और अररिया सहित सीमावर्ती इलाकों में एसएसबी ने बायोमीट्रिक सत्यापन, फेस स्कैनिंग और पहचान पत्र की जांच अनिवार्य कर दी है। वहीं पश्चिम बंगाल के पानीटंकी और सिक्किम सीमा पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सीमा पार किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।









