महिला कमांडो तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम, NSG ने पहली बार शुरू किया ‘कमांडो कन्वर्जन कोर्स’

NSG ने महिला सुरक्षा कर्मियों के लिए देश का पहला महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स शुरू किया है। 12 सप्ताह के प्रशिक्षण में महिला कर्मियों को आतंकवाद रोधी अभियान, हथियार संचालन, टैक्टिकल इंटरवेंशन और बंधक बचाव की ट्रेनिंग दी जाएगी।

नई दिल्ली: सुरक्षा बलों में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

भारत के आतंकवाद रोधी और आंतरिक सुरक्षा ढांचे में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) ने बड़ा कदम उठाया है। मानेसर स्थित NSG ट्रेनिंग एकेडमी ने राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की महिला कर्मियों के लिए देश का पहला ‘महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स’ (MCCC) शुरू किया है।

12 सप्ताह के इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य चुनिंदा महिला कर्मियों को शारीरिक रूप से मजबूत, तकनीकी रूप से दक्ष और चुनौतीपूर्ण सुरक्षा अभियानों के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये कर्मी अपने-अपने मूल बलों में लौटकर आतंकवाद रोधी और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल सकेंगी।

12 सप्ताह तक चलेगा विशेष प्रशिक्षण

यह विशेष कोर्स 24 अगस्त से शुरू हुआ है। प्रशिक्षण के दौरान महिला कर्मियों को कमांडो ऑपरेशन से जुड़ी विभिन्न क्षमताओं में प्रशिक्षित किया जाएगा।

कोर्स का फोकस केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रशिक्षुओं को मुश्किल और जोखिम भरे अभियानों के लिए आवश्यक पेशेवर और ऑपरेशनल कौशल भी दिए जाएंगे।

हथियार संचालन से टैक्टिकल इंटरवेंशन तक प्रशिक्षण

प्रशिक्षण में कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल पहलुओं को शामिल किया गया है। महिला कर्मियों को कड़ी शारीरिक ट्रेनिंग के साथ उन्नत हथियारों के संचालन और निशानेबाजी का अभ्यास कराया जाएगा।

इसके अलावा टैक्टिकल इंटरवेंशन, बंधकों को छुड़ाने और आतंकवाद रोधी अभियानों से जुड़े विशेष प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जाएगा। इस दौरान प्रशिक्षुओं को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप चुनौतीपूर्ण ऑपरेशनल स्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा।

सिर्फ प्रतिनिधित्व नहीं, ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाना मकसद

NSG की इस पहल का उद्देश्य केवल सुरक्षा बलों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना नहीं है। इसके जरिए महिला कर्मियों को ऐसे अभियानों के लिए आवश्यक विशेषज्ञता देने की कोशिश की जा रही है, जिनमें उच्च स्तर की शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती, हथियार संचालन और टीमवर्क की जरूरत होती है।

सुरक्षा क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका खास तौर पर उन परिस्थितियों में महत्वपूर्ण हो सकती है, जहां महिला संदिग्धों की तलाशी, महिला बंधकों से जुड़े ऑपरेशन या अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में महिला सुरक्षा कर्मियों की आवश्यकता होती है।

राज्यों और केंद्रीय बलों के बीच बेहतर तालमेल की उम्मीद

इस कार्यक्रम के जरिए NSG अपनी आतंकवाद रोधी विशेषज्ञता राज्य पुलिस और CAPF की महिला कर्मियों के साथ साझा करेगा। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रशिक्षित महिला सुरक्षा कर्मियों का एक बड़ा समूह तैयार होने की उम्मीद है।

साथ ही, विभिन्न सुरक्षा बलों के बीच एक समान पेशेवर मानकों को बढ़ावा मिल सकता है। कठिन अभियानों के दौरान केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर करने में भी इस प्रशिक्षण की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

कई एजेंसियों के बीच समन्वय के लिए साझा प्रशिक्षण

कार्यक्रम से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक आतंकवाद रोधी अभियानों में अक्सर कई सुरक्षा एजेंसियों को एक साथ काम करना पड़ता है। ऐसे में अलग-अलग बलों की महिला कर्मियों को एक साझा विशेष प्रशिक्षण देने का उद्देश्य देश की सुरक्षा व्यवस्था में अधिक एकीकृत ऑपरेशनल क्षमता तैयार करना है।

इस तरह प्रशिक्षित कर्मी अपने मूल संगठनों में लौटने के बाद वहां अपनी नई विशेषज्ञता का इस्तेमाल कर सकेंगी और अन्य कर्मियों के साथ अपने अनुभव साझा कर सकेंगी।

प्रशिक्षण के बाद अपने मूल बलों में लौटेंगी कर्मी

कोर्स पूरा होने के बाद प्रशिक्षित महिला कर्मी NSG में स्थायी रूप से नहीं रहेंगी, बल्कि अपने-अपने मूल पुलिस या केंद्रीय सशस्त्र बलों में वापस लौटेंगी। वहां वे आतंकवाद रोधी और सुरक्षा से जुड़ी व्यापक जिम्मेदारियों में अपनी नई क्षमताओं का इस्तेमाल कर सकेंगी।

इससे राज्यों और केंद्रीय बलों की अपनी संस्थागत क्षमता भी मजबूत होने की उम्मीद है।

प्रशिक्षित महिला कमांडो की संख्या बढ़ाने की दिशा में पहल

सुरक्षा चुनौतियों के लगातार जटिल और विविध होने के बीच विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मियों की जरूरत बढ़ रही है। ऐसे में महिला कमांडो की संख्या बढ़ाना सुरक्षा बलों की ऑपरेशनल तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पहले महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स के जरिए NSG ने महिला सुरक्षा कर्मियों को उच्चस्तरीय आतंकवाद रोधी प्रशिक्षण देने की औपचारिक शुरुआत की है। आने वाले समय में इससे राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों में प्रशिक्षित महिला कमांडो का एक व्यापक नेटवर्क तैयार होने की संभावना है।

सुरक्षा क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण का नया आयाम

NSG का यह कदम सुरक्षा बलों में महिलाओं की भागीदारी को केवल संख्या तक सीमित रखने के बजाय उन्हें कठिन ऑपरेशनल भूमिकाओं के लिए तैयार करने की दिशा में देखा जा रहा है।

कमांडो प्रशिक्षण के जरिए महिला कर्मियों को विशेष कौशल देने से न केवल उनकी व्यक्तिगत क्षमता बढ़ेगी, बल्कि आतंकवाद रोधी अभियानों में सुरक्षा एजेंसियों की सामूहिक क्षमता भी मजबूत हो सकती है।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button