“प्रणीति शिंदे बयान महिला आरक्षण को लेकर लखनऊ में कांग्रेस का बड़ा हमला। बीजेपी पर महिलाओं को धोखा देने का आरोप, तुरंत आरक्षण लागू करने की मांग।”
लखनऊ। महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की सदस्य और सांसद Praniti Shinde ने लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय ‘नेहरू भवन’ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी पर महिलाओं को धोखा देने और सत्ता के लिए उनका इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है और सिर्फ चुनावी लाभ के लिए इस मुद्दे को उछाल रही है।
महिला आरक्षण तुरंत लागू करने की मांग
प्रणीति शिंदे ने केंद्र की Bharatiya Janata Party सरकार से 2023 में संसद से पारित महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही महिला आरक्षण की समर्थक रही है और पार्टी अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने संसद में इसका खुलकर समर्थन किया था।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना से पहले सीटों की संख्या बढ़ाना संवैधानिक रूप से उचित नहीं है।
‘बीजेपी लागू ही नहीं करना चाहती आरक्षण’
प्रणीति शिंदे ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण को लागू करने की इच्छुक ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि 2023 में बिल पास होने के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया और इसे परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जोड़कर जानबूझकर टालने की कोशिश की गई।
उनके मुताबिक, “जनगणना पूरी होने के बाद ही सीटों का विस्तार होना चाहिए, तभी यह संविधान के अनुरूप होगा।”
मोदी सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने भाषणों में कांग्रेस का जिक्र तो करते हैं, लेकिन महिला आरक्षण जैसे मूल मुद्दे पर स्पष्ट जवाब नहीं देते।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं के मुद्दों पर गंभीर नहीं है और केवल राजनीतिक लाभ के लिए बयानबाजी करती है।
आराधना मिश्रा का सवाल—क्या महिला अध्यक्ष बनेगी?
इस दौरान नेता विधानमंडल दल Aradhana Mishra Mona ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या भाजपा अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर किसी महिला को नियुक्त कर सकती है?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है और विधानसभा चुनावों में भी महिलाओं को 40% तक टिकट दिए गए।
‘सिर्फ राजनीति कर रही है बीजेपी’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर सिर्फ राजनीतिक एजेंडा चला रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी समय में इस मुद्दे को उठाना आचार संहिता की भावना के खिलाफ है।
लखनऊ में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद महिला आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। Praniti Shinde के तीखे आरोपों से साफ है कि आने वाले समय में इस विषय पर सियासी टकराव और तेज हो सकता है।
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