“प्रयागराज हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार बेटे अभिषेक ने पड़ोसी दुकानदार सनी गुप्ता के साथ मिलकर माता-पिता और बहन की हत्या की साजिश रची। डेढ़ करोड़ रुपये के गहनों के बंटवारे को लेकर विवाद में अभिषेक की भी हत्या कर दी गई।“
प्रयागराज। कोतवाली क्षेत्र के साउथ मलाका में वैश्य परिवार के चार सदस्यों की नृशंस हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि परिवार के बेटे अभिषेक वैश्य ने ही अपने पड़ोसी और समोसा-पकौड़ी विक्रेता सनी गुप्ता के साथ मिलकर माता-पिता और बहन की हत्या की साजिश रची थी। हालांकि वारदात के बाद लूटे गए जेवरात के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में सनी ने अभिषेक की भी हत्या कर दी।
पुलिस ने मुख्य आरोपी सनी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड भी बरामद कर ली गई है। पूछताछ में आरोपी ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया है।
संपत्ति को लेकर परिवार में चल रहा था विवाद
पुलिस जांच के अनुसार 70 वर्षीय वीरेंद्र वैश्य अपने बड़े बेटे अश्वनी को पहले ही संपत्ति से बेदखल कर चुके थे। वहीं छोटे बेटे अभिषेक के व्यवहार से भी वह नाराज रहते थे और उसे भी संपत्ति से बेदखल करने की चेतावनी देते थे।
परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक वीरेंद्र वैश्य अपनी अधिकांश संपत्ति अविवाहित बेटी मीनाक्षी के नाम करने की बात कहते थे। इसी को लेकर अभिषेक और उसके पिता के बीच अक्सर विवाद होता था। अभिषेक को आशंका थी कि यदि उसे भी संपत्ति से अलग कर दिया गया तो उसके पास कुछ नहीं बचेगा।
पड़ोसी दुकानदार को बनाया साजिश में साझेदार
इसी बीच अभिषेक की नजदीकियां मकान के ग्राउंड फ्लोर पर दुकान चलाने वाले सनी गुप्ता से बढ़ीं। पुलिस के अनुसार रविवार दोपहर दोनों ने दुकान में बैठकर पूरी योजना बनाई।
शाम होते ही दोनों दूसरी मंजिल पर पहुंचे और वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी अनीता तथा बेटी मीनाक्षी पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। सिर पर किए गए ताबड़तोड़ वार से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
डेढ़ करोड़ के जेवरात बने खूनी विवाद की वजह
हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने घर की अलमारी से करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य के जेवरात और अन्य कीमती सामान निकाल लिया। इसके बाद दोनों नीचे दुकान में पहुंचे और लूट के माल का बंटवारा करने लगे।
पुलिस के मुताबिक अभिषेक ने सनी को अपेक्षाकृत कम हिस्सा देने की कोशिश की, जिससे दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान सनी बाहर गया और लोहे की रॉड लेकर लौटा।
बंटवारे के विवाद में अभिषेक की भी हत्या
पुलिस के अनुसार सनी ने अचानक अभिषेक के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। उसने कई वार किए, जिससे अभिषेक की मौत हो गई। पहचान छिपाने और जांच को भटकाने के लिए आरोपी ने अभिषेक के चेहरे पर केमिकल भी डाल दिया।
वारदात को अंजाम देने के बाद सनी मौके से फरार हो गया। मंगलवार देर रात पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पूरे हत्याकांड का खुलासा हुआ।
अमीर बनने की चाह में बना हत्यारा
पूछताछ में आरोपी सनी गुप्ता ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी और वह जल्दी अमीर बनना चाहता था। अभिषेक ने उसे न केवल लूटे गए जेवरात में हिस्सा देने का भरोसा दिया था, बल्कि संपत्ति में भी भागीदारी का लालच दिया था।
इसी लालच में आकर उसने हत्या की साजिश में साथ दिया। हालांकि बाद में अधिक हिस्सेदारी पाने की चाह में उसने अपने साथी अभिषेक की भी हत्या कर दी।
पुलिस की जांच में सामने आया पूरा सच
प्रारंभिक जांच में बहू, रिश्तेदारों और अन्य संदिग्धों की भूमिका को लेकर भी आशंकाएं जताई जा रही थीं, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच, पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर मामला पूरी तरह स्पष्ट हो गया। पुलिस अब लूटे गए जेवरात की बरामदगी और आरोपी के अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में भी जांच कर रही है।
यह हत्याकांड प्रयागराज के हालिया वर्षों के सबसे चर्चित और सनसनीखेज पारिवारिक अपराधों में शामिल हो गया है, जिसमें संपत्ति और धन के लालच ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया।
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