“President Droupadi Murmu Speech: संसद के बजट सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अर्थव्यवस्था, रोजगार, सामाजिक न्याय, अंतरिक्ष क्षेत्र और पूर्वी भारत के विकास को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं बताया।”
हाइलाइट्स:
- बजट सत्र 2026-27 की शुरुआत राष्ट्रपति के संबोधन से
- सामाजिक न्याय और गरीबी उन्मूलन पर सरकार की प्रतिबद्धता
- अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की ऐतिहासिक उपलब्धियों का जिक्र
- पूर्वी भारत के विकास को विशेष प्राथमिकता
- आर्थिक सुधार और रोजगार सृजन पर फोकस
नई दिल्ली। संसद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संबोधन बजट सत्र 2026-27 की औपचारिक शुरुआत के साथ हुआ। लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने सरकार की प्राथमिकताओं, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा को रेखांकित किया।
अपने भाषण में राष्ट्रपति ने अर्थव्यवस्था, रोजगार, सामाजिक न्याय, अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की प्रगति और पूर्वी भारत के विकास को सरकार की नीति का केंद्र बताया। विपक्ष के हंगामे के बीच दिए गए इस संबोधन में उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।
दो चरणों में चलेगा बजट सत्र
राष्ट्रपति ने बताया कि संसद का बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है।
- पहला चरण: 29 जनवरी से 13 फरवरी तक
- दूसरा चरण: 9 मार्च से 2 अप्रैल तक
पहले चरण में 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण और 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। पूरे सत्र में कुल 30 बैठकें प्रस्तावित हैं।
सामाजिक न्याय और गरीबी उन्मूलन पर जोर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि केंद्र सरकार सामाजिक न्याय के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि देश के लगभग 95 करोड़ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
उनके अनुसार, पिछले दस वर्षों में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। तीसरे कार्यकाल में सरकार का फोकस गरीबों को और अधिक सशक्त बनाने पर है। साथ ही भ्रष्टाचार पर नियंत्रण कर सार्वजनिक धन के सही उपयोग को प्राथमिकता दी गई है।
अंतरिक्ष में भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक पहुंचना भारत के लिए एक नई उड़ान की शुरुआत है।
राष्ट्रपति ने बताया कि आने वाले वर्षों में भारत अपना स्वयं का स्पेस स्टेशन बनाने की दिशा में काम कर रहा है। गगनयान मिशन और अंतरिक्ष पर्यटन भी अब वास्तविकता के करीब हैं।
पूर्वी भारत के विकास पर विशेष ध्यान
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सरकार पूर्वी भारत के विकास को विशेष प्राथमिकता दे रही है। बुनियादी ढांचे, उद्योग और रोजगार सृजन के लिए इस क्षेत्र में कई योजनाएं लागू की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय असंतुलन को खत्म करना सरकार की विकास नीति का अहम हिस्सा है, ताकि देश के हर हिस्से में समान प्रगति हो।
अर्थव्यवस्था, सुधार और रोजगार
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान में देश में 150 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जो आधुनिक भारत का प्रतीक हैं।
उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को रोजगार और विनिर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार पुराने नियमों में सुधार कर ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। पिछड़े वर्गों और महिलाओं के सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया।









