राम मंदिर चढ़ावा चोरी: राम जन्मभूमि परिसर फिर पहुंची एसआईटी, बंद कमरे में बैंक कर्मचारियों से घंटों पूछताछ

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेज हो गई है। एसआईटी ने राम जन्मभूमि परिसर पहुंचकर बैंक कर्मचारियों से बंद कमरे में पूछताछ की और वित्तीय दस्तावेजों की जांच शुरू की। पांच वर्षों के ऑडिट रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, जबकि पुलिस भी आपराधिक पहलुओं की जांच में जुटी है।

अयोध्या।अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेज हो गई है। एसआईटी ने राम जन्मभूमि परिसर पहुंचकर बैंक कर्मचारियों से बंद कमरे में पूछताछ की और वित्तीय दस्तावेजों की जांच शुरू की। पांच वर्षों के ऑडिट रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, जबकि पुलिस भी आपराधिक पहलुओं की जांच में जुटी है।

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को एक बार फिर राम जन्मभूमि परिसर पहुंचकर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। टीम ने मामले से जुड़े बैंक कर्मचारियों को तलब कर बंद कमरे में उनसे विस्तृत पूछताछ की और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की।

सूत्रों के अनुसार एसआईटी का मुख्य फोकस चढ़ावे की राशि के संग्रह, उसकी गणना, बैंक जमा प्रक्रिया और ऑडिट व्यवस्था में संभावित अनियमितताओं पर है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर किस स्तर पर गड़बड़ी हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

बैंक कर्मचारियों से पूछताछ, वित्तीय दस्तावेजों की जांच

जांच टीम ने बैंक कर्मचारियों से चढ़ावे की राशि जमा करने की प्रक्रिया, नकदी के सत्यापन और बैंक रिकॉर्ड से जुड़े कई अहम सवाल पूछे। पूछताछ के दौरान बैंक से जुड़े दस्तावेजों और लेनदेन के रिकॉर्ड का भी मिलान किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि किसी भी तथ्य को नजरअंदाज न किया जाए।

ट्रस्ट पदाधिकारियों से चार घंटे तक चली पूछताछ

इससे पहले बृहस्पतिवार को एसआईटी अयोध्या पहुंची थी, जहां उसने ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों से करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ की। जांच टीम ने चढ़ावे के ऑडिट से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े सवाल पूछे।

सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कुछ सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिल सके। यही वजह है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। एसआईटी अब इस पूरे मामले में जुड़े अन्य व्यक्तियों और संस्थागत प्रक्रियाओं की भी जांच कर सकती है।

पांच साल के ऑडिट का ऑडिट कर रही एसआईटी

छह जून को चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था। जांच टीम ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी थी। अब दूसरे चरण में टीम पिछले पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड और ऑडिट रिपोर्ट की दोबारा समीक्षा कर रही है।

जांच एजेंसी ने ट्रस्ट से पिछले वर्षों के ऑडिट से संबंधित पूरा लेखा-जोखा और वित्तीय दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। हालांकि, अभी तक कुछ महत्वपूर्ण सूचनाएं और अभिलेख जांच टीम को उपलब्ध नहीं हो सके हैं। अधिकारियों का मानना है कि पूरा ब्योरा मिलने के बाद ही वित्तीय अनियमितताओं की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

पुलिस की आपराधिक जांच भी जारी

एसआईटी की वित्तीय जांच के समानांतर पुलिस भी मामले के आपराधिक पहलुओं की पड़ताल में जुटी हुई है। विवेचक और क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारियों ने राम मंदिर परिसर पहुंचकर दान पात्रों की व्यवस्था और चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को समझा।

पुलिस अधिकारियों ने दान पात्रों से नकदी निकालने, उसकी गिनती करने और बैंक तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। साथ ही परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी गई है।

आरोपियों के परिजनों तक पहुंची जांच

जांच का दायरा अब आरोपियों के पारिवारिक और सामाजिक दायरे तक भी पहुंच गया है। पुलिस की एक टीम आरोपियों से जुड़े स्थानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। अधिकारियों का मानना है कि वित्तीय लेनदेन, डिजिटल साक्ष्य और बैंक रिकॉर्ड की जांच से मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

दोहरी जांच से बढ़ा दबाव

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक ओर एसआईटी वित्तीय अनियमितताओं की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस आपराधिक साजिश और चोरी के पहलुओं की जांच कर रही है। ऐसे में संबंधित लोगों पर अब एसआईटी और पुलिस दोनों की जांच का दबाव बढ़ गया है।

जांच एजेंसियों का दावा है कि साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की परत-दर-परत जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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