
नई दिल्ली। 200 करोड़ रुपये की कथित वसूली से जुड़े सुकेश चंद्रशेखर मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने अभिनेत्री नोरा फतेही को नया समन जारी किया है। अदालत ने उन्हें 6 नवंबर को पेश होकर मामले में अपने बयान और सबूत दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने वकील को लगाई फटकार
सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने नोरा फतेही के पेश न होने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने उनके वकील से कहा कि नोरा इस मामले में गवाह हैं और उन्हें सुनवाई के दौरान मौजूद रहना चाहिए था। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि कोर्ट को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

इससे पहले अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने नोरा को 2 नवंबर को अभियोजन पक्ष की गवाह के रूप में पेश होने का निर्देश दिया था। सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मामले के तीसरे पूरक आरोपपत्र में भी नोरा का नाम गवाह के तौर पर शामिल है।
क्या है 200 करोड़ रुपये की वसूली का मामला?
यह मामला वर्ष 2020-21 का है। आरोप है कि दिल्ली की रोहिणी जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर पूर्व रैनबैक्सी प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह से करीब 200 करोड़ रुपये की वसूली की थी।
आरोप के मुताबिक, सुकेश ने अदिति सिंह को उनके जेल में बंद पति की रिहाई में मदद दिलाने का भरोसा दिया था। इसी बहाने उनसे बड़ी रकम ली गई।
नोरा फतेही से क्यों हुई थी पूछताछ?
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मामले की जांच के बाद महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था। जांच के दौरान नोरा फतेही से सुकेश चंद्रशेखर और उसकी पत्नी लीना मारिया पालोस के साथ उनके संबंधों को लेकर पूछताछ की गई थी।
जांच एजेंसियों ने नोरा का बयान तत्कालीन सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज कराया था। अभिनेत्री ने जांचकर्ताओं को बताया था कि सुकेश से उनकी बातचीत उसकी पत्नी के जरिए हुई थी।
दिसंबर 2020 में चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर भी उनसे सवाल पूछे गए थे। इसके बाद पुलिस ने नोरा फतेही को इस मामले में अभियोजन पक्ष का गवाह बनाया। अब अदालत ने उन्हें 6 नवंबर को पेश होकर अपने सबूत दर्ज कराने का निर्देश दिया है।








