“संभल पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने संयुक्त कार्रवाई में 1.60 करोड़ रुपये का प्रतिबंधित एसीटिक एनहाइड्राइड बरामद किया है। AC और कंप्रेसर के डिब्बों में छिपाकर ले जाए जा रहे इस केमिकल के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।“
संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.60 करोड़ रुपये मूल्य का प्रतिबंधित रसायन बरामद किया है। एसी और कंप्रेसर के डिब्बों के बीच छिपाकर ले जाए जा रहे इस केमिकल का इस्तेमाल हेरोइन, स्मैक और अन्य मादक पदार्थों के निर्माण में किया जाता है। कार्रवाई के दौरान चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
गुप्त सूचना पर घेराबंदी कर पकड़ा गया कंटेनर
एएनटीएफ लखनऊ-बरेली यूनिट और कैला देवी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि मेरठ की ओर से एक कंटेनर प्रतिबंधित रसायन की खेप लेकर आ रहा है। सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने संभल-गवां मार्ग पर रामपुर क्षेत्र स्थित जियो पेट्रोल पंप के सामने घेराबंदी कर कंटेनर को रोक लिया।
तलाशी के दौरान कंटेनर में रखे एसी और कंप्रेसर के बक्सों के बीच 10 प्लास्टिक ड्रम मिले। जांच में इनमें कुल 628.65 किलोग्राम एसीटिक एनहाइड्राइड बरामद हुआ।
नशे की फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाता था केमिकल
पुलिस के अनुसार एसीटिक एनहाइड्राइड एक नियंत्रित रसायन है, जिसका उपयोग हेरोइन, स्मैक और अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थों के निर्माण में किया जाता है। बिना वैध अनुमति इसके परिवहन और भंडारण पर कानूनी रोक है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी इस केमिकल को खरीदकर ट्रांसपोर्ट वाहनों के जरिए सामान के बीच छिपाकर विभिन्न स्थानों तक पहुंचाते थे। बाद में इसे ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा आपस में बांट लेते थे।
कई जिलों और राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं तार
पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क केवल संभल या आसपास के जिलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके संबंध अन्य जिलों और राज्यों तक भी हो सकते हैं। जांच एजेंसियां सप्लाई चेन और फंडिंग नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई हैं।
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड चिंताजनक
पुलिस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान संभल निवासी मदनपाल, बरेली निवासी राजपाल, संभल निवासी मोहम्मद नाजिम और बदायूं निवासी शोएब के रूप में हुई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, डकैती, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर अपराधों के मामले पहले से दर्ज हैं। इससे पुलिस को संगठित अपराध से जुड़े बड़े नेटवर्क की आशंका है।
एसपी बोले- सप्लाई नेटवर्क की हो रही जांच
कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि एएनटीएफ और संभल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी मात्रा में एसीटिक एनहाइड्राइड बरामद किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि प्रतिबंधित केमिकल कहां से लाया गया और किसे सप्लाई किया जाना था।
उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं तक नशा पहुंचाने वाले नेटवर्क पर चोट
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि एसी के डिब्बों में छिपाकर ले जाई जा रही यह करोड़ों रुपये की खेप केवल एक बरामदगी नहीं, बल्कि उस संगठित तस्करी नेटवर्क का संकेत है जो युवाओं तक नशे का जहर पहुंचाने का काम करता है। फिलहाल चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड और सप्लाई चैन से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं।
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