लखनऊ में बायोमीट्रिक अटेंडेंस में तकनीकी खराबी और हंगामे के बाद एसजीपीजीआई की नर्सिंग व हॉस्पिटल अटेंडेंट भर्ती परीक्षा रद्द कर दी गई। मामले की जांच STF करेगी।
लखनऊ। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) की नर्सिंग ऑफिसर और हॉस्पिटल अटेंडेंट भर्ती परीक्षा को लेकर सोमवार को बड़ा फैसला लिया गया। परीक्षा केंद्रों पर बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम में तकनीकी खराबी और अभ्यर्थियों के हंगामे के बाद भर्ती के दूसरे चरण की परीक्षा रद्द कर दी गई। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को सौंप दी गई है। परीक्षा सात केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 8500 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। पहली पाली में कुछ केंद्रों पर तकनीकी समस्या सामने आने के बाद प्रशासन ने सभी केंद्रों की दोनों पालियों की परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया।
बायोमीट्रिक अटेंडेंस में गड़बड़ी से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, एसजीपीजीआई की ओर से नर्सिंग ऑफिसर और हॉस्पिटल अटेंडेंट के कुल 1800 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। इसके लिए पहले चरण की प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें सफल अभ्यर्थियों को दूसरे चरण की मुख्य परीक्षा में शामिल होना था।
मुख्य परीक्षा एक नवंबर को लखनऊ के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर ऑफलाइन मोड में आयोजित की गई। सोमवार को जब अभ्यर्थी परीक्षा देने केंद्रों पर पहुंचे तो बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम में तकनीकी खराबी सामने आई। इसके कारण अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज करने और प्रवेश प्रक्रिया में परेशानी होने लगी।
कुछ अभ्यर्थियों को प्रवेश, दूसरों को रोके जाने पर हंगामा
परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि बायोमीट्रिक व्यवस्था में खराबी के बावजूद कुछ उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश दिया जा रहा था, जबकि अन्य अभ्यर्थियों को रोक दिया गया। इसे लेकर उम्मीदवारों ने विरोध शुरू कर दिया।
लखनऊ के ज्यूरिस लॉ कॉलेज में भी इस मामले को लेकर हंगामा हुआ। अभ्यर्थियों का कहना था कि जब सभी के लिए एक जैसी परीक्षा व्यवस्था होनी चाहिए तो तकनीकी गड़बड़ी के बीच कुछ को प्रवेश और दूसरों को रोकने का फैसला क्यों लिया जा रहा है।
स्थिति बिगड़ने और परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद संस्थान प्रशासन को परीक्षा रद्द करने का निर्णय लेना पड़ा।
सात केंद्रों पर दो पालियों में होनी थी परीक्षा
एसजीपीजीआई प्रशासन के मुताबिक, भर्ती परीक्षा के दूसरे चरण का आयोजन लखनऊ के सात परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। परीक्षा दो पालियों में होनी थी और इसमें करीब 8500 अभ्यर्थियों के शामिल होने की व्यवस्था थी।
पहली पाली के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों पर बायोमीट्रिक सिस्टम में तकनीकी खराबी सामने आई। इस कारण अभ्यर्थियों की पहचान और उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सभी सात केंद्रों की दोनों पालियों की परीक्षा रद्द कर दी।
इस फैसले से परीक्षा की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को झटका लगा है। अब उम्मीदवारों को परीक्षा की अगली तारीख और नई व्यवस्था को लेकर संस्थान के आधिकारिक निर्णय का इंतजार रहेगा।
एसटीएफ करेगी तकनीकी गड़बड़ी और पूरी व्यवस्था की जांच
परीक्षा रद्द करने के साथ ही एसजीपीजीआई प्रशासन ने मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी है। जांच में बायोमीट्रिक सिस्टम में आई खराबी, अभ्यर्थियों के प्रवेश को लेकर सामने आई शिकायतों और परीक्षा केंद्रों पर अपनाई गई प्रक्रिया सहित सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
एसजीपीजीआई की जनसंपर्क अधिकारी कुसुम यादव ने बताया कि तकनीकी गड़बड़ी के चलते परीक्षा में व्यवधान उत्पन्न हुआ, जिसके कारण इसे रद्द करना पड़ा। मामले की जांच एसटीएफ को दी गई है। वह सभी पहलुओं को शामिल करते हुए जांच करेगी।
1800 पदों पर होनी है भर्ती, नई परीक्षा तारीख का इंतजार
एसजीपीजीआई में नर्सिंग ऑफिसर और हॉस्पिटल अटेंडेंट के कुल 1800 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण अब पूरी परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हो गई है।
फिलहाल परीक्षा की नई तारीख घोषित होने की जानकारी सामने नहीं आई है। अभ्यर्थियों को आगे की परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित निर्देशों के लिए एसजीपीजीआई की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा। एसटीएफ की जांच के बाद परीक्षा व्यवस्था में आई खामियों और अभ्यर्थियों की शिकायतों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।








