TMC में बढ़ी अंदरूनी कलह: कल्याण बनर्जी का ममता को अल्टीमेटम, बोले- अभिषेक को चुनो या मुझे

अभिषेक बनर्जी का कानूनी पक्ष रखने से वरिष्ठ सांसद और अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने किया इनकार, अहंकारी रवैये का लगाया आरोप; कहा- पार्टी की मौजूदा स्थिति के लिए वही जिम्मेदार।

TMC Internal Rift 2026: तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी का केस लड़ने से इनकार कर दिया। उन्होंने अभिषेक पर अहंकारी व्यवहार का आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी से अभिषेक और पुराने वफादार नेताओं में से किसी एक को चुनने की बात कही।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आ गए हैं। वरिष्ठ सांसद और अधिवक्ता Kalyan Banerjee ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee का कानूनी पक्ष रखने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि उन्हें अभिषेक और पुराने वफादार नेताओं में से किसी एक को चुनना होगा।

अभिषेक बनर्जी का केस लड़ने से किया इनकार

मामला विधायक हस्ताक्षर मिलान और CID समन से जुड़ी याचिका का है। इस मामले में अभिषेक बनर्जी ने अदालत से राहत की मांग की थी। सुनवाई के दौरान कल्याण बनर्जी अदालत में उपस्थित नहीं हुए।

बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला सिर्फ एक मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने भविष्य में भी अभिषेक बनर्जी से जुड़े किसी कानूनी मामले का प्रतिनिधित्व नहीं करने का निर्णय लिया है।

अहंकारी व्यवहार का लगाया आरोप

कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि उन्होंने पहले अदालत में मामले की तत्काल सुनवाई के लिए प्रयास किया था, लेकिन बाद में उन्हें जानकारी मिली कि सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई अन्य वकील पेश होगा।

उन्होंने इसे अपने प्रति अपमानजनक व्यवहार बताते हुए कहा कि 45 वर्षों के कानूनी करियर में उन्होंने इस तरह की स्थिति स्वीकार नहीं की है।

चुनावी हार को लेकर भी साधा निशाना

TMC सांसद ने आरोप लगाया कि हालिया विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बावजूद अभिषेक बनर्जी के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है।

उन्होंने कहा कि पार्टी की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों को आत्ममंथन करना चाहिए, लेकिन इसके बजाय नेतृत्व के कुछ हिस्सों में अहंकार बढ़ता दिखाई दे रहा है।

ममता बनर्जी को दिया स्पष्ट संदेश

कल्याण बनर्जी ने कहा कि अब पार्टी नेतृत्व को फैसला करना होगा कि वह अभिषेक बनर्जी के साथ खड़ा है या उन नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जो वर्षों से पार्टी के प्रति वफादार रहे हैं।

उनके इस बयान को TMC के भीतर बढ़ती गुटबाजी और नेतृत्व संघर्ष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक गलियारों में बढ़ी चर्चा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कल्याण बनर्जी जैसे वरिष्ठ नेता का सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर करना पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है। खासतौर पर तब, जब विपक्ष पहले से ही TMC में आंतरिक मतभेदों का मुद्दा उठाता रहा है।

हालांकि पार्टी की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

क्या है पूरा मामला?

अभिषेक बनर्जी की याचिका CID के समन और विधायक हस्ताक्षर सत्यापन से जुड़े मामले से संबंधित बताई जा रही है। इस मामले की सुनवाई कलकत्ता हाईकोर्ट में चल रही है। इसी दौरान कल्याण बनर्जी की अनुपस्थिति और उनके बाद के बयानों ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

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