“Unnao National Anthem Controversy: उन्नाव में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान राष्ट्रगान को लेकर विवाद बढ़ गया है। कार्यक्रम संयोजक वेणु रंजन भदौरिया ने महाना का बचाव किया, जबकि कांग्रेस ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।“
उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में राष्ट्रगान विवाद को लेकर राजनीतिक घमासान बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान राष्ट्रगान से जुड़े वीडियो के सामने आने के बाद कांग्रेस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। अब कार्यक्रम के संयोजक और भाजपा के पूर्व शिक्षक विधायक प्रत्याशी वेणु रंजन भदौरिया के बयान के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
भदौरिया ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पूरे घटनाक्रम पर सफाई दी और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का बचाव किया। उन्होंने सोशल मीडिया और मीडिया में सामने आए वीडियो के आधार पर किए जा रहे विश्लेषण पर सवाल उठाए।
क्या है पूरा राष्ट्रगान विवाद?
उन्नाव में उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के 46वें प्रांतीय अधिवेशन, शैक्षिक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
इसी दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसी समय ऑडिटोरियम में राष्ट्रगान शुरू होने को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो को लेकर सवाल उठाए गए कि राष्ट्रगान के दौरान विधानसभा अध्यक्ष की स्थिति क्या थी और क्या उन्होंने राष्ट्रगान के नियमों का पालन किया।
वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने इस मामले को लेकर पुलिस से शिकायत की और विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कार्यक्रम संयोजक वेणु रंजन भदौरिया ने क्या कहा?
कार्यक्रम संयोजक वेणु रंजन भदौरिया ने अपने वीडियो बयान में कहा कि जिस स्थान पर विधानसभा अध्यक्ष को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा था, उसके पीछे स्थित ऑडिटोरियम में कार्यक्रम चल रहा था।
उनका कहना है कि गार्ड ऑफ ऑनर वाले स्थान पर राष्ट्रगान की आवाज उतनी स्पष्ट नहीं थी, जितनी बाद में सामने आए वीडियो में सुनाई दे रही है। इसी आधार पर उन्होंने मीडिया में किए जा रहे विश्लेषण पर सवाल उठाते हुए विधानसभा अध्यक्ष का बचाव किया।
भदौरिया का कहना है कि दोनों गतिविधियां अलग-अलग स्थानों पर हो रही थीं और पूरे घटनाक्रम को वीडियो के आधार पर जिस तरह प्रस्तुत किया जा रहा है, वह सही तस्वीर नहीं दिखाता।
महाना पहले ही दे चुके हैं सफाई
राष्ट्रगान से जुड़े विवाद पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भी सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रख चुके हैं।
महाना के अनुसार, उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के दौरान संयोगवश उसी समय ऑडिटोरियम के भीतर राष्ट्रगान शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि गार्ड ऑफ ऑनर और ऑडिटोरियम में चल रहा कार्यक्रम अलग-अलग स्थानों पर था और उस समय वह ऑडिटोरियम में मौजूद नहीं थे।
उन्होंने राष्ट्रगान और संविधान के प्रति अपने सम्मान को स्पष्ट करते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के आधार पर किसी तरह का भ्रम न फैलाने की अपील की।
कांग्रेस ने पुलिस को दी तहरीर
वहीं इस मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में करीब आधा सैकड़ा कार्यकर्ता उन्नाव कोतवाली पहुंचे।\

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत मिश्रा को तहरीर सौंपी। कांग्रेस नेताओं ने गार्ड ऑफ ऑनर से संबंधित वीडियो भी पुलिस को उपलब्ध कराया।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो वे कोतवाली परिसर में धरना देंगे।
पुलिस की ओर से मामले की जांच का भरोसा दिया गया है।
कांग्रेस ने की राष्ट्रद्रोह के मुकदमे की मांग
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रगान के कथित अपमान के मामले में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की है।
हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक जिम्मेदारी तय करना पुलिस जांच और लागू कानूनों के तहत साक्ष्यों के मूल्यांकन का विषय है। फिलहाल इस मामले में शिकायत और आरोप सामने आए हैं; इसे लेकर अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच के बाद ही निकलेगा।
आयोजक के बयान के बाद विपक्ष के सवाल
वेणु रंजन भदौरिया के बयान के बाद विपक्ष ने भी सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि राष्ट्रगान जैसे संवेदनशील विषय पर मीडिया के विश्लेषण पर सवाल उठाने के बजाय पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विपक्ष यह सवाल भी उठा रहा है कि कार्यक्रम संयोजक और भाजपा से शिक्षक विधायक का चुनाव लड़ चुके व्यक्ति द्वारा विधानसभा अध्यक्ष के पक्ष में दिया गया बयान मामले की जांच के दौरान किस तरह देखा जाएगा।
अब जांच पर टिकी नजर
राष्ट्रगान विवाद में फिलहाल दो अलग-अलग पक्ष सामने हैं। एक ओर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और कार्यक्रम संयोजक वेणु रंजन भदौरिया का कहना है कि गार्ड ऑफ ऑनर और ऑडिटोरियम का कार्यक्रम अलग-अलग था। दूसरी ओर कांग्रेस वीडियो के आधार पर कार्रवाई की मांग कर रही है।
ऐसे में अब पुलिस जांच और उपलब्ध वीडियो समेत अन्य तथ्यों की पड़ताल से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्यक्रम के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।
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