मोदी के गढ़ वाराणसी में भाजपा को बड़ा झटका, योगी के गोरखपुर में निर्दलीय ने बढ़ाई मुश्किलें

“UP MLC Election Result 2026: वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की। गोरखपुर में भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच कांटे की टक्कर, जानिए यूपी एमएलसी चुनाव के ताजा नतीजे।“

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले हुए स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव के नतीजे प्रदेश की सियासत में नई चर्चा का विषय बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। यहां शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज कर ली है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में भाजपा को निर्दलीय प्रत्याशी से कड़ी चुनौती मिल रही है।

इन नतीजों को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के लिए अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि एमएलसी चुनाव का मतदाता वर्ग विधानसभा चुनाव से अलग होता है, इसलिए इसके परिणामों को सीधे विधानसभा चुनाव के जनादेश के रूप में देखना उचित नहीं होगा।

वाराणसी में भाजपा को झटका, लाल बिहारी यादव ने दर्ज की जीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में शिक्षक एमएलसी सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। इस सीट पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने जीत हासिल की है। वाराणसी में सपा की इस जीत को भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

खास बात यह है कि वाराणसी पूर्वांचल की राजनीति में भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। ऐसे में यहां शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट गंवाना पार्टी के लिए बड़ा झटका है। इस परिणाम के बाद विपक्षी दलों को भाजपा के खिलाफ अपनी राजनीतिक रणनीति मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।

गोरखपुर में भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच मुकाबला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में भी एमएलसी चुनाव का मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। यहां शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर भाजपा प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए हैं, लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार लगातार चुनौती दे रहा है।

मतगणना के दौरान मुकाबला कांटे का बना हुआ है। ऐसे में अंतिम परिणाम पर सभी की नजरें टिकी हैं। गोरखपुर में भाजपा की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है, क्योंकि यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह क्षेत्र है।

11 में से पांच सीटों के नतीजे घोषित, भाजपा ने चार पर मारी बाजी

उत्तर प्रदेश की 11 स्नातक और शिक्षक एमएलसी सीटों में से खबर लिखे जाने तक पांच सीटों के परिणाम घोषित हो चुके थे। इनमें भाजपा ने चार सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि समाजवादी पार्टी को एक सीट मिली।

भाजपा ने मेरठ शिक्षक, मेरठ स्नातक, बरेली शिक्षक और लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल की। वहीं वाराणसी शिक्षक सीट समाजवादी पार्टी के खाते में गई।

इस तरह घोषित परिणामों में भाजपा ने बढ़त बनाई है, लेकिन वाराणसी में मिली हार ने पार्टी की रणनीति और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लखनऊ में उमेश द्विवेदी ने हासिल की जीत

लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी उमेश द्विवेदी ने जीत दर्ज की है। इस सीट पर उनकी सफलता को राजधानी में भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वहीं मेरठ-सहारनपुर शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा उम्मीदवारों ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है। शिक्षक सीट पर भाजपा के श्रीचंद शर्मा 18,099 वोट हासिल कर विजयी रहे, जबकि स्नातक सीट पर दिनेश गोयल ने 24,928 वोट पाकर जीत दर्ज की।

बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर हरि सिंह ढिल्लों विजयी

बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार हरि सिंह ढिल्लों ने जीत हासिल की है। इस परिणाम के साथ भाजपा ने शिक्षक और स्नातक वर्ग की कई महत्वपूर्ण सीटों पर अपना दबदबा बनाए रखा है।

हालांकि बाकी निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना जारी होने के कारण चुनाव की पूरी तस्वीर सामने आना बाकी था।

शेष सीटों पर भाजपा और सपा के बीच मुकाबला

पांच सीटों के परिणाम घोषित होने के बाद अन्य सीटों पर भी मतगणना जारी थी। उपलब्ध रुझानों के मुताबिक भाजपा दो सीटों पर आगे चल रही थी, जबकि समाजवादी पार्टी चार सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी।

भाजपा गोरखपुर शिक्षक और आगरा स्नातक सीट पर आगे थी। वहीं सपा वाराणसी स्नातक, आगरा शिक्षक, लखनऊ स्नातक और झांसी स्नातक सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी।

2027 से पहले राजनीतिक दलों के लिए अहम संकेत

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए एमएलसी चुनाव के नतीजों को राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वाराणसी में सपा की जीत और गोरखपुर में भाजपा को मिल रही चुनौती ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।

हालांकि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं की सामाजिक एवं पेशेवर पृष्ठभूमि विधानसभा चुनाव के सामान्य मतदाता वर्ग से अलग होती है। ऐसे में इन परिणामों को प्रदेश की पूरी राजनीतिक तस्वीर का पैमाना मानना जल्दबाजी होगी। फिर भी इन नतीजों से भाजपा और सपा दोनों को आगामी चुनावों के लिए अपनी रणनीति पर विचार करने का मौका जरूर मिलेगा।

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