यूपी के 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, मानदेय में 7 हजार तक बढ़ोतरी; 50 लाख तक बीमा कवर

यूपी में 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था शुरू हुई। मानदेय 20 हजार रुपये तक, 50 लाख तक दुर्घटना बीमा, PF और शिक्षा-इलाज जैसी सुविधाओं का प्रावधान किया गया है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के करीब 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए योगी सरकार ने बुधवार को नई व्यवस्था की शुरुआत की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की वेबसाइट और पोर्टल का लोकार्पण किया तथा निगम के लोगो का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने आउटसोर्स कर्मचारियों को चेक भी वितरित किए।

नए निगम की व्यवस्था लागू होने के साथ आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में 7 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। जिन कर्मचारियों को पहले करीब 13 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था, उन्हें अब 20 हजार रुपये तक भुगतान किया जाएगा। वहीं, बड़े पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए मानदेय 40 हजार रुपये तक होने की बात कही गई है।

50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा

मुख्यमंत्री ने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों को उनकी आय के अनुसार 20 लाख से 50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा आकस्मिक दवा के लिए पांच लाख और एयर एंबुलेंस की सुविधा के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया गया है।

अग्निकांड जैसी घटनाओं में भी कर्मचारियों को आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की गई है। किसी बड़ी दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में कर्मचारी के परिवार को सुरक्षा कवच देने पर जोर दिया गया है।

बच्चों की शिक्षा और बेटी की शादी के लिए भी सहायता

सीएम योगी ने कहा कि निगम के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा का दायरा केवल कर्मचारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसके परिवार को भी इसका लाभ मिलेगा। कर्मचारी के पुत्र की शिक्षा के लिए पांच लाख रुपये और पुत्री की शिक्षा के लिए आठ लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान बताया गया है। बेटी की शादी के लिए भी सहायता देने की व्यवस्था होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आउटसोर्स कर्मचारियों को संगठित क्षेत्र की तरह सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

PF का पैसा भी खाते में होगा जमा

मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के खाते में भविष्य निधि (PF) का पैसा भी जमा होगा। इससे नौकरी की अवधि पूरी होने के बाद कर्मचारियों के पास भविष्य के लिए एक निश्चित आर्थिक आधार उपलब्ध रहेगा।

उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी को ईएसआई के तहत कैशलेस उपचार की सुविधा नहीं मिल पाती है तो उसे आयुष्मान योजना से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी।

मनमाने तरीके से नौकरी से नहीं निकाल सकेगी एजेंसी

नई व्यवस्था में आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी को लेकर भी नियम सख्त किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई आउटसोर्स एजेंसी कर्मचारी को मनमाने तरीके से नौकरी से नहीं निकाल सकेगी।

किसी कर्मचारी को हटाने की जरूरत होने पर एजेंसी को इसकी रिपोर्ट सरकार को देनी होगी। मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।

योगी ने कहा कि पहले कर्मचारी, एजेंसी और सरकार तीन अलग-अलग पक्षों में बंटे हुए थे। कर्मचारी को अपनी समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नई व्यवस्था में तीनों को एक पारदर्शी और तकनीक आधारित प्रणाली से जोड़ा जाएगा।

डिजिटल सिस्टम से होगी नियुक्ति और मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री के मुताबिक सरकारी विभागों में मानव संसाधन की जरूरत का आकलन किया जाएगा और उसी के अनुसार कर्मचारियों की आपूर्ति की योजना बनाई जाएगी। नियुक्तियां सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार होंगी।

निगम के माध्यम से डिजिटल मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय, सेवा और अन्य सुविधाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

20 लाख लोगों को सुरक्षा कवच देने का लक्ष्य

सीएम योगी ने कहा कि सरकार आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से करीब 20 लाख लोगों को सुरक्षा कवर देने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी के साथ दुर्घटना या बड़ी अनहोनी होने पर उसका परिवार खुद को असहाय महसूस न करे, इसके लिए सामाजिक सुरक्षा का ढांचा तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और कर्मचारी का संबंध केवल वेतन तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसमें विश्वास, जिम्मेदारी और भविष्य की सुरक्षा भी शामिल होनी चाहिए।

‘पहले कागज पर ज्यादा, हाथ में कम मिलता था मानदेय’

मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मचारियों की पुरानी व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि पहले कई बार कर्मचारियों को यह तक पता नहीं होता था कि उनके लिए कितना मानदेय निर्धारित है। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में कागज पर नौ हजार रुपये दर्ज होने के बावजूद कर्मचारी को छह हजार रुपये ही मिलते थे।

उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में कर्मचारी को उसकी मेहनत के अनुरूप मानदेय और निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है।

ब्रजेश पाठक बोले- अब कर्मचारियों को नौकरी जाने का डर नहीं

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों की लंबे समय से मांग थी कि उन्हें नौकरी और भविष्य को लेकर सुरक्षा मिले। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से कर्मचारियों को राहत मिलेगी और मनमाने तरीके से नौकरी जाने का डर कम होगा।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को कम से कम 20 हजार रुपये तक मानदेय मिलेगा और बड़े पदों पर कार्यरत लोगों को 40 हजार रुपये तक मानदेय दिया जाएगा। दुर्घटना या अंगभंग की स्थिति में 50 लाख रुपये तक बीमा कवर की व्यवस्था का भी उन्होंने उल्लेख किया।

2017 के बाद रोजगार और निवेश बढ़ने का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में प्रदेश में निवेश, रोजगार और एमएसएमई क्षेत्र के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ODOP) जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय कारीगरों को तकनीक और बाजार से जोड़ा है।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई हैं और इनके माध्यम से करीब तीन करोड़ लोगों को रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश और युवाओं को स्किल, इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा रोबोटिक्स से जोड़ने की योजनाओं का भी जिक्र किया।

राजनीतिक अपील भी की

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कर्मचारियों से सरकार के काम को जनता तक पहुंचाने की अपील भी की। उन्होंने आगामी चुनाव के संदर्भ में भाजपा सरकार दोबारा बनाने की बात कही।

उन्होंने प्रदेश में सड़कों, बिजली, मेडिकल कॉलेजों और स्कूलों में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जिक्र करते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। पाठक ने कर्मचारियों से अपने काम पर ध्यान देने और सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने की अपील की।

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