लखनऊ। राजधानी के SGPGI Lucknow की इमरजेंसी में गुरुवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब 20 वर्षीय युवक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों और सुरक्षा कर्मियों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसमें धक्का-मुक्की और अभद्रता के आरोप लगे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया।
क्या है पूरा मामला:
गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के पड़ेहरा निवासी किसान अजय पांडेय का बेटा दिव्यांशु पांडेय गुरुवार दोपहर अपने ननिहाल, मोहनलालगंज गया था। वहां अचानक गिरने के बाद उसे तुरंत SGPGI Lucknow की इमरजेंसी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक तौर पर मौत का कारण ब्रेन हेमरेज बताया गया।
विवाद की वजह:
डॉक्टरों ने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की बात कही, लेकिन परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि परिजनों के साथ आए लोगों को सुरक्षा कर्मियों ने अंदर जाने से रोका और धक्का-मुक्की की।
पुलिस ने संभाला मोर्चा:
सूचना पर पहुंची पुलिस ने बीच-बचाव कर स्थिति को काबू में किया। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रशासन का पक्ष:
संस्थान के सुरक्षा अधिकारी डीके पांडेय ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था, वीडियो देखने के बाद जांच कराई जाएगी। वहीं चौकी प्रभारी परवेज आलम के अनुसार, डॉक्टरों द्वारा केस संदिग्ध मानने के चलते पोस्टमार्टम जरूरी बताया गया था।
मृतक की मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार इस घटना से सदमे में है।








