“UP Trauma Emergency Network: उत्तर प्रदेश में ट्रॉमा एंड इमरजेंसी नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लखनऊ PGI में EMPARV-2026 सम्मेलन में कहा कि मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, CHC, एंबुलेंस और डिजिटल रेफरल सिस्टम को एक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।“
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए ट्रॉमा एंड इमरजेंसी नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), एंबुलेंस सेवाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों और डिजिटल रेफरल सिस्टम को एक नेटवर्क से जोड़ना है।
डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने रविवार को लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन चिकित्सा सम्मेलन Emparv-2026 में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि गंभीर और आकस्मिक परिस्थितियों में मरीज को सही समय पर सटीक उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिलना जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभाता है।
हर सेकेंड महत्वपूर्ण, गोल्डन ऑवर पर जोर
ब्रजेश पाठक ने कहा कि सड़क दुर्घटना, हृदयाघात, स्ट्रोक या गंभीर चोट जैसी आपात स्थितियों में हर सेकेंड महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में अस्पताल तक पहुंचने का समय, चिकित्सक का त्वरित निर्णय, प्रशिक्षित मेडिकल टीम और उपचार शुरू होने की गति मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक इमरजेंसी मेडिसिन को केवल एक मेडिकल स्पेशियलिटी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे पूरे स्वास्थ्य तंत्र की जीवनरक्षक व्यवस्था के रूप में विकसित करने की जरूरत है।
मेडिकल कॉलेज से CHC तक जुड़ेगा सिस्टम
डिप्टी सीएम ने बताया कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखा जा सकता।
सरकार का लक्ष्य है कि गांव से लेकर महानगर और हर जिले तक गुणवत्तापूर्ण इमरजेंसी केयर पहुंचाई जाए। इसी दिशा में ट्रॉमा एंड इमरजेंसी नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
इस नेटवर्क के तहत अलग-अलग स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की योजना है।
इन सेवाओं को जोड़ने पर जोर
- मेडिकल कॉलेज
- जिला अस्पताल
- ट्रॉमा सेंटर
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
- एंबुलेंस सेवाएं
- विशेषज्ञ चिकित्सक
- डिजिटल रेफरल सिस्टम
इस व्यवस्था का उद्देश्य गंभीर मरीज को उसकी स्थिति के अनुरूप सही स्तर की चिकित्सा सुविधा तक जल्द पहुंचाना है।
डिजिटल रेफरल सिस्टम से बेहतर होगा मरीज का ट्रांसफर
प्रस्तावित नेटवर्क में डिजिटल रेफरल सिस्टम को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। इससे गंभीर मरीज को एक स्वास्थ्य केंद्र से दूसरे उच्च स्तरीय अस्पताल तक रेफर करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।
सरकार का जोर इस बात पर है कि मरीज को आवश्यकता के अनुसार समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो और इलाज में अनावश्यक देरी कम की जा सके।
लखनऊ PGI में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में आयोजित Emparv-2026 अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन चिकित्सा सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन में आपातकालीन एवं क्रिटिकल केयर सेवाओं को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने पर चर्चा हुई। इसके अलावा नवीन चिकित्सा तकनीकों को अपनाने और इमरजेंसी मेडिसिन में नए मानक विकसित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इमरजेंसी हेल्थकेयर को लेकर सरकार का फोकस
ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक सफलता का आकलन संकट के समय होता है। जब किसी व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत हो, तब स्वास्थ्य व्यवस्था कितनी तेजी से उसके पास पहुंचती है, यही उसकी प्रभावशीलता का महत्वपूर्ण पैमाना है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण, त्वरित, सुलभ और जीवनरक्षक आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन चिकित्सा क्षेत्र में नई तकनीक, विशेषज्ञता और बेहतर उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।
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