उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026: 70 लाख से ज्यादा नए आवेदन, चुनाव आयोग ने जारी किए आंकड़े

UP Voter List Revision 2026: “उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान 6 जनवरी से 6 मार्च 2026 तक 70.69 लाख से अधिक फॉर्म-6 प्राप्त हुए। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची और शिकायत निस्तारण से जुड़े आंकड़े जारी किए।

लखनऊ। कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा निर्वाचन के लिए चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के दौरान दावा और आपत्ति अवधि में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने आवेदन किए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार 6 जनवरी से 6 मार्च 2026 तक चली दावा एवं आपत्ति अवधि में मतदाता सूची से संबंधित दावे, आपत्तियां और सुधार के लिए लाखों आवेदन प्राप्त हुए हैं।

प्रदेश में कुल मतदाताओं की स्थिति

6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची के अनुसार उत्तर प्रदेश में कुल 12,55,56,025 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इनमें

  • पुरुष मतदाता: 6,88,43,159 (54.83%)
  • महिला मतदाता: 5,67,08,747 (45.17%)
  • तृतीय लिंग मतदाता: 4,119

नोटिस और सुनवाई की स्थिति

पुनरीक्षण के दौरान जिन मतदाताओं ने अपने विवरण का मिलान नहीं कराया या जिनकी प्रविष्टियों में तार्किक विसंगतियां पाई गईं, उन्हें नोटिस जारी किए गए।

  • नोटिस जारी करने की प्रक्रिया 14 जनवरी 2026 से शुरू हुई।
  • सुनवाई की प्रक्रिया 21 जनवरी से प्रारंभ हुई।
  • अब तक 93.8% नोटिस वितरित किए जा चुके हैं।
  • 6 मार्च 2026 तक 85.8% मामलों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है।

सुनवाई के लिए प्रदेश में 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 12,758 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 5,621 सुनवाई केंद्र बनाए गए हैं।

नए मतदाताओं के लिए मिले आवेदन

दावा एवं आपत्ति अवधि में फॉर्म-6 (नए मतदाता पंजीकरण) के लिए कुल 70,69,810 आवेदन प्राप्त हुए।
इनमें

  • पुरुष: 34,96,911
  • महिलाएं: 35,72,603
  • तृतीय लिंग: 296

इनमें 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 47,81,526 युवा शामिल हैं।

27 अक्टूबर 2025 से 6 मार्च 2026 तक कुल 86,69,073 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 57 लाख से अधिक युवा मतदाता हैं।

नाम विलोपन और सुधार के आवेदन

  • फॉर्म-7 (नाम विलोपन): दावा अवधि में 2,68,682 आवेदन
  • 27 अक्टूबर 2025 से अब तक कुल 3,18,140 आवेदन

वहीं मतदाता सूची में सुधार या पते में बदलाव के लिए फॉर्म-8 के तहत लाखों आवेदन प्राप्त हुए हैं।

निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि बिना नोटिस और विधिक प्रक्रिया के किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा।

राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी

विशेष पुनरीक्षण के दौरान विभिन्न मान्यता प्राप्त दलों के साथ राज्य स्तर पर कई बैठकें आयोजित की गईं। प्रदेश में अब तक 3,090 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।

पुनरीक्षण प्रक्रिया में 5,82,577 बूथ लेवल एजेंट (BLA) सक्रिय रूप से शामिल रहे। इनमें प्रमुख दलों के एजेंट शामिल हैं:

  • भारतीय जनता पार्टी
  • बहुजन समाज पार्टी
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
  • समाजवादी पार्टी
  • आम आदमी पार्टी

शिकायतों के निस्तारण में यूपी अव्वल

मतदाताओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए आयोग के राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल और हेल्पलाइन की व्यवस्था की गई है।

27 अक्टूबर 2025 से 6 मार्च 2026 तक कुल 92,497 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 99.24 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।

फरवरी 2026 में शिकायत निस्तारण की रेटिंग के आधार पर उत्तर प्रदेश को देश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है।

इसके अलावा “बुक ए कॉल विद बीएलओ” सुविधा के तहत फरवरी तक लगभग 7.99 लाख कॉल बुक की गईं, जिनमें से 96.12 प्रतिशत मतदाताओं से संपर्क किया गया।

निर्वाचन विभाग का कहना है कि मतदाताओं की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए पुनरीक्षण प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल हो सकें।

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