ईरान के साथ शांति समझौता पूरा, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खुला; ट्रंप का बड़ा एलान

पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद बनी सहमति, वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार को मिलेगी राहत

US-Iran Peace Deal News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते की घोषणा की है। इसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोला जाएगा और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटा ली गई है। जानिए इस समझौते का वैश्विक तेल बाजार, पाकिस्तान की मध्यस्थता और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर क्या असर पड़ेगा।

वॉशिंगटन/इस्लामाबाद। US-Iran Peace Deal News: मध्य पूर्व में कई महीनों से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा एलान करते हुए कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता अंतिम रूप ले चुका है। इस समझौते के तहत दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि समझौता पूरा हो चुका है और अब वैश्विक व्यापार सामान्य रूप से संचालित हो सकेगा।

ट्रंप ने कहा- दुनिया के जहाज इंजन चालू करें

ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को टोल-फ्री खोला जा रहा है और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी भी हटा ली गई है।

उन्होंने लिखा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता पूरा हो गया है। सभी को बधाई। दुनिया के जहाज अपने इंजन चालू करें। तेल को बहने दें।”

उनके इस बयान को वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है।

पाकिस्तान ने भी की समझौते की पुष्टि

ट्रंप के एलान से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने की पुष्टि की।

शहबाज शरीफ ने कहा कि लंबी वार्ताओं के बाद दोनों देशों ने सैन्य गतिविधियां समाप्त करने और क्षेत्रीय शांति स्थापित करने पर सहमति जताई है। पाकिस्तान ने पूरे घटनाक्रम में मध्यस्थ की भूमिका निभाई।

ईरान की प्रतिक्रिया से उठे सवाल

हालांकि समझौते की घोषणा से पहले ईरान ने पाकिस्तान के कुछ बयानों पर आपत्ति जताई थी। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह सवाल भी उठा कि समझौता पूरी तरह अंतिम रूप ले चुका है या नहीं।

अब तक समझौते की सभी शर्तें सार्वजनिक नहीं की गई हैं। ऐसे में वैश्विक समुदाय औपचारिक दस्तावेजों और विस्तृत जानकारी का इंतजार कर रहा है।

स्विट्जरलैंड में होंगे औपचारिक हस्ताक्षर

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के अनुसार अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि आगामी दिनों में स्विट्जरलैंड में समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर करेंगे।

इस बैठक के बाद समझौते के क्रियान्वयन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिक स्पष्टता सामने आ सकती है।

क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में शामिल है। यह फारस की खाड़ी को अरब सागर और हिंद महासागर से जोड़ता है।

दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति इसी मार्ग से होकर गुजरती है। यही कारण है कि इसे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण “चोक पॉइंट” माना जाता है।

युद्ध के बाद बढ़ा था वैश्विक संकट

28 फरवरी को क्षेत्रीय संघर्ष तेज होने के बाद ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था। इसके बाद तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ गई और ऊर्जा आयातक देशों की चिंता भी बढ़ गई।

अप्रैल में पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता विफल रहने के बाद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी कर दी थी। इसके चलते तनाव और बढ़ गया था।

वैश्विक बाजारों को मिल सकती है राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता पूरी तरह लागू होता है तो अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में स्थिरता आ सकती है। समुद्री व्यापार, शिपिंग कंपनियों और वैश्विक सप्लाई चेन को भी इसका लाभ मिलेगा।

ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के लिए यह समझौता आर्थिक राहत का कारण बन सकता है और वैश्विक बाजारों में निवेशकों का भरोसा मजबूत कर सकता है।

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