अमेरिका-ईरान युद्ध का 13वां दिन, समुद्री टकराव बढ़ा, ट्रंप बोले- अमेरिका ‘Locked and Loaded’

US-Iran War LIVE में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे एक व्यापारी जहाज पर कार्रवाई की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है, जबकि कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं।

वॉशिंगटन/तेहरान। US-Iran War लगातार 13वें दिन भी जारी है और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ईरानी बंदरगाहों पर लागू समुद्री नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे एक व्यापारी जहाज के खिलाफ कार्रवाई की गई। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी दबाव की नीति को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि वह किसी भी प्रकार की धमकी के आगे नहीं झुकेगा।

नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश पर अमेरिकी कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, M/T Lavine नामक व्यापारी जहाज ने ओमान की खाड़ी में ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी को तोड़ने का प्रयास किया। अमेरिकी सेना का कहना है कि जहाज को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उसने आदेशों का पालन नहीं किया। इसके बाद जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाकर उसे निष्क्रिय कर दिया गया।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, नाकेबंदी दोबारा लागू होने के बाद यह दूसरा व्यापारी जहाज है, जिसके खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई की गई है।

ट्रंप बोले- अमेरिका पूरी तरह तैयार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह “Locked and Loaded” है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर गंभीर बातचीत के लिए तैयार होता है तो कूटनीतिक समाधान उनकी पहली प्राथमिकता रहेगा।

रिपोर्टों के अनुसार, व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। हालांकि बैठक के बाद किसी नए निर्णय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।

ईरान ने अमेरिकी दबाव को किया खारिज

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान किसी भी प्रकार के अमेरिकी दबाव, धमकी या बल प्रयोग के आगे नहीं झुकेगा।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सबसे बड़ी बाधा संवाद की कमी नहीं, बल्कि अमेरिका की “दबाव और धमकी” की नीति है। ईरान ने दोहराया कि वह राष्ट्रीय हितों से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं करेगा।

सऊदी अरब और हूती संघर्ष भी तेज

इस बीच लाल सागर क्षेत्र में भी तनाव बढ़ गया है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि यमन के बंदरगाह शहर हुदैदा में सैन्य कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई कथित तौर पर सऊदी तेल टैंकरों पर हूती हमलों के जवाब में की गई।

हूती विद्रोहियों ने भी संघर्ष को और तेज करने की चेतावनी दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।

खाड़ी देशों में सुरक्षा अलर्ट

अमेरिकी दूतावासों ने मध्य पूर्व में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने और यात्रा संबंधी विकल्प सीमित होने की संभावना के प्रति आगाह किया है। दूसरी ओर, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने पड़ोसी देशों के नागरिकों से अमेरिकी सैन्य ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी है।

तनाव के बीच कूटनीति पर टिकी नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बयान संकेत दे रहे हैं कि सैन्य तनाव अभी कम होने वाला नहीं है। हालांकि अमेरिका और ईरान दोनों ने बातचीत की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं की है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयासों और सैन्य गतिविधियों पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।


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