“US-Israel-Iran War LIVE Update: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर कार्रवाई तेज की, अमेरिका-ईरान वार्ता अटकी, इजरायल और लेबनान के बीच वॉशिंगटन में बातचीत शुरू। जानिए मध्य पूर्व युद्ध, तेल संकट और वैश्विक असर की पूरी रिपोर्ट।“
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी तनाव अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के बीच एक ओर सैन्य गतिविधियां तेज हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक स्तर पर समाधान तलाशने की कोशिशें भी जारी हैं। वॉशिंगटन में इजरायल और लेबनान के बीच दूसरे दौर की वार्ता शुरू होने जा रही है, जबकि ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित बातचीत फिलहाल अधर में लटकती दिख रही है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य बना संघर्ष का केंद्र
ईरान ने बुधवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तीन जहाजों पर हमला करने और दो जहाजों को कब्जे में लेने का दावा किया। यह वही समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल का व्यापार होता है। ईरान द्वारा जारी वीडियो में सैन्य बलों को एक मालवाहक जहाज पर चढ़ते हुए दिखाया गया है। इस घटना ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिका की नाकेबंदी और ईरान का पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम को कुछ समय के लिए बढ़ाया है, लेकिन ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी है। ईरान ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताते हुए जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने से इनकार कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नाकेबंदी लंबे समय तक जारी रही, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
लेबनान और इजरायल के बीच वार्ता
इजरायल और लेबनान के प्रतिनिधि वॉशिंगटन में संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहे हैं। लेबनान एक महीने के विस्तार की मांग कर सकता है। हालांकि, हिज्बुल्लाह जैसे सशस्त्र समूह इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच वर्षों से तनाव बना हुआ है और हालिया संघर्ष ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है।
गाजा और लेबनान में हमले जारी
इजरायली हमलों में गाजा और दक्षिणी लेबनान में कई लोगों की मौत हुई है। गाजा में हुए एयरस्ट्राइक में बच्चों समेत कई नागरिकों के मारे जाने की खबर है। वहीं लेबनान में पत्रकारों पर हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों ने चिंता जताई है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
युद्ध की वजह से तेल कीमतों में उछाल देखने को मिला है। एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि यूरोप की कारोबारी गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो ऊर्जा संकट और सप्लाई चेन पर बड़ा दबाव पड़ सकता है।
चीन की भूमिका पर नजर
इस पूरे संघर्ष में चीन एक गैर-आधिकारिक मध्यस्थ की भूमिका निभाता नजर आ रहा है। बीजिंग दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है, जिससे वैश्विक कूटनीति में उसकी भूमिका और मजबूत होती दिख रही है।
तनाव के बीच समाधान की उम्मीद
हालांकि हालात बेहद तनावपूर्ण हैं, लेकिन अमेरिका, पाकिस्तान और अन्य देशों की मध्यस्थता से बातचीत की संभावना बनी हुई है। आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि मध्य पूर्व युद्ध की आग और भड़केगी या कूटनीतिक प्रयास शांति की दिशा में रास्ता खोलेंगे।
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