विनेश फोगाट का बड़ा खुलासा, बोलीं- मैं उन 6 पीड़िताओं में शामिल हूं

पूर्व WFI चीफ बृजभूषण पर उत्पीड़न का आरोप, ट्रायल स्थल और चयन प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल

ओलंपियन विनेश फोगाट ने खुलासा किया है कि वह पूर्व WFI प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली छह महिला पहलवानों में शामिल हैं। पढ़ें पूरा मामला।

नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती जगत में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्टार पहलवान Vinesh Phogat ने खुलासा किया है कि वह पूर्व Wrestling Federation of India प्रमुख Brij Bhushan Sharan Singh के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली छह महिला पहलवानों में से एक हैं। यह पहली बार है जब विनेश ने सार्वजनिक रूप से खुद को इस मामले की पीड़िता बताया है।

वीडियो संदेश में तोड़ी चुप्पी

Vinesh Phogat ने एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि वह अब तक अपनी पहचान सामने नहीं लाना चाहती थीं, क्योंकि मामला अदालत में लंबित है। उन्होंने कहा कि पीड़िताओं की पहचान उजागर न करने के दिशा-निर्देश होते हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों ने उन्हें बोलने पर मजबूर कर दिया।

उन्होंने कहा कि उनकी गवाही अब भी जारी है और न्यायिक प्रक्रिया चल रही है।

जंतर-मंतर आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहीं

साल 2023 में Jantar Mantar पर हुए हाई-प्रोफाइल पहलवान आंदोलन में Vinesh Phogat प्रमुख चेहरों में शामिल थीं। उनके साथ Bajrang Punia और Sakshi Malik समेत कई अन्य पहलवान भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे।

गोंडा में ट्रायल कराने पर सवाल

विनेश ने कहा कि उनकी पहचान उजागर करने की एक बड़ी वजह आगामी रैंकिंग टूर्नामेंट और ट्रायल्स का Gonda में आयोजित होना है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगिता Brij Bhushan Sharan Singh के निजी कॉलेज में कराई जा रही है, जिससे निष्पक्ष मुकाबले की उम्मीद कम हो जाती है।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बराबरी का मौका मिलना मुश्किल हो सकता है।

महासंघ पर प्रभाव का आरोप

Vinesh Phogat ने दावा किया कि भले ही Brij Bhushan Sharan Singh आधिकारिक पद पर नहीं हैं, लेकिन महासंघ पर अब भी उनका प्रभाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि रेफरी चयन, अंक देने और अन्य प्रक्रियाओं पर उनके करीबी लोगों का असर हो सकता है।

वापसी से पहले मानसिक संघर्ष

Vinesh Phogat Paris Olympics 2024 के बाद लगभग 18 महीने के ब्रेक के पश्चात वापसी की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में पूरी मानसिक मजबूती के साथ खेलना आसान नहीं है।

खेल मंत्रालय पर बढ़ा दबाव

इस खुलासे के बाद खिलाड़ियों की सुरक्षा, निष्पक्ष चयन प्रक्रिया और खेल संस्थाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल फिर तेज हो गए हैं। आने वाले समय में Ministry of Youth Affairs and Sports और संबंधित खेल निकायों पर दबाव बढ़ सकता है।

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