‘विजय के अहंकार या पराजय की बौखलाहट’—PM मोदी का विपक्ष पर बड़ा हमला, कहा–सत्र ड्रामा का मंच नहीं

“विजय के अहंकार या पराजय की बौखलाहट—PM मोदी ने संसद में विपक्ष पर तीखा हमला किया। कहा कि विपक्ष हार की निराशा से बाहर आए और अपना संवैधानिक दायित्व निभाए। पीएम ने कहा कि सदन ड्रामा का मंच नहीं, नीति और डिलीवरी की जगह है। जानिए PM मोदी का पूरा बयान।”

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के सत्र की शुरुआत में विपक्ष पर सीधा हमला बोला। ‘विजय के अहंकार या पराजय की बौखलाहट’ को केंद्र में रखते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी भूमिका समझनी चाहिए और हार-जीत की मानसिकता से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में काम करना चाहिए।

PM मोदी ने कहा,
“विपक्ष अपना दायित्व निभाए। विपक्ष पराजय की निराशा से बाहर आए। ये हार पचा नहीं पाते हैं। यह सत्र विजय के अहंकार में परिवर्तित नहीं होना चाहिए और न ही पराजय की बौखलाहट के मैदान के रूप में बदलना चाहिए।”

प्रधानमंत्री ने विपक्ष को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि लोकतंत्र में नारे और ड्रामा नहीं, बल्कि नीति और डिलीवरी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा,
“ड्रामा करने के लिए पूरा देश पड़ा है। यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए। नारे नहीं, नीति पर बल देना चाहिए। सकारात्मक बनने के लिए मैं विपक्ष को टिप्स देने के लिए तैयार हूं।”

सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष हर सत्र में हंगामे पर उतारू रहता है, जबकि विपक्ष का आरोप है कि सरकार बहस से बचती है। ऐसे में PM मोदी का यह बयान सत्र का तापमान तय करता हुआ दिख रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, प्रधानमंत्री का यह संदेश सीधे तौर पर विपक्ष की रणनीति और उसके रवैये पर सवाल उठाता है। यह बयान आगामी सत्र में सरकार-विपक्ष की टकराव भरी राजनीति के संकेत भी देता है।

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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल

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