“India-New Zealand FTA 2026 पर हस्ताक्षर हो गए हैं। जानिए भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से क्या सस्ता होगा, क्या महंगा रहेगा, किन सेक्टरों को फायदा मिलेगा और भारतीय युवाओं को नौकरी के क्या अवसर मिलेंगे।“
नई दिल्ली। भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच सोमवार को मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर हो गए। इस समझौते पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूज़ीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले की मौजूदगी में सहमति बनी। माना जा रहा है कि इस डील से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
सरकार के मुताबिक, इस समझौते का लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना, भारतीय निर्यातकों को न्यूज़ीलैंड के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच देना और आने वाले 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर तक निवेश आकर्षित करना है।
क्या होता है FTA?
FTA यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट दो या दो से अधिक देशों के बीच होने वाला ऐसा समझौता है, जिसमें वे एक-दूसरे के सामानों पर लगने वाले आयात शुल्क (ड्यूटी) को कम या समाप्त करते हैं। इससे व्यापार आसान होता है और कई वस्तुएं सस्ती हो जाती हैं।
भारत के कौन से सामान न्यूज़ीलैंड में सस्ते होंगे?
इस समझौते के बाद भारत से न्यूज़ीलैंड भेजे जाने वाले कई उत्पादों को ड्यूटी फ्री एंट्री मिलेगी। इससे भारतीय उद्योगों को बड़ा फायदा होगा। इनमें शामिल हैं—
- कपड़ा उद्योग के उत्पाद
- प्लास्टिक सामान
- चमड़ा उत्पाद
- इंजीनियरिंग गुड्स
- खेल सामग्री
- वाइन और स्पिरिट के कुछ उत्पाद
इसका सबसे ज्यादा लाभ आगरा जैसे शहरों को मिल सकता है, जहां चमड़ा उद्योग बड़े स्तर पर मौजूद है।
भारत में क्या सस्ता हो सकता है?
न्यूज़ीलैंड से आने वाले कुछ उत्पादों पर भारत ने शुल्क में राहत दी है। ऐसे में आने वाले समय में इनकी कीमतों पर असर पड़ सकता है—
- सेब
- कीवी फल
- मानुका शहद
- कुछ डेयरी इनपुट
- लोहे और स्टील के कुछ उत्पाद
- स्क्रैप एल्युमीनियम
- न्यूज़ीलैंड की वाइन पर भी चरणबद्ध राहत दी जाएगी।
क्या महंगा रहेगा?
भारत ने कई संवेदनशील सेक्टरों को इस समझौते से बाहर रखा है, ताकि घरेलू उद्योग और किसानों पर असर न पड़े। इनमें शामिल हैं—
- दूध, क्रीम, दही, चीज
- प्याज
- चना
- मटर
- मक्का
- बादाम
- चीनी
- रत्न और आभूषण
- हथियार व गोला-बारूद
इन उत्पादों पर फिलहाल कोई विशेष राहत नहीं दी गई है।
युवाओं को मिलेगा रोजगार का मौका
FTA के तहत कुशल भारतीय पेशेवरों को न्यूज़ीलैंड में काम करने का अवसर भी मिलेगा। अस्थायी रोजगार वीज़ा के जरिए करीब 5,000 भारतीय प्रोफेशनल एक समय में तीन साल तक वहां रहकर काम कर सकेंगे।
IT, शिक्षा, फाइनेंस, पर्यटन और प्रोफेशनल सेवाओं से जुड़े युवाओं को इसका लाभ मिल सकता है।
कितना है दोनों देशों का व्यापार?
2024-25 में भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच कुल व्यापार करीब 1.3 अरब डॉलर रहा।
- भारत का निर्यात: 711 मिलियन डॉलर
- भारत का आयात: 587 मिलियन डॉलर
अब इस समझौते के बाद व्यापार में तेज बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
भारत-न्यूज़ीलैंड FTA आम जनता, उद्योग और युवाओं के लिए बड़ा आर्थिक मौका साबित हो सकता है। जहां भारतीय निर्यातकों को नया बाजार मिलेगा, वहीं उपभोक्ताओं को कुछ विदेशी उत्पाद सस्ते मिल सकते हैं। हालांकि सरकार ने डेयरी और कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की है।
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