लखनऊ KGMU में पकड़ा गया 12वीं पास ‘मुन्नाभाई’, खुद को बताता था डॉक्टर और चला रहा था फर्जी कैंप

लखनऊ में King George’s Medical University (KGMU) कैंपस से पकड़े गए हसम अहमद पर डॉक्टर बनकर मेडिकल कैंप चलाने, फर्जी लेटर जारी करने और छात्राओं को विदेश ले जाने की योजना बनाने का आरोप; पुलिस जांच में कई खुलासे

KGMU फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार मामला लखनऊ में सामने आया है, जहां एक 12वीं पास युवक पर मेडिकल कैंप के नाम पर फर्जी गतिविधियां, छात्रों को गुमराह करने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप लगे हैं। पुलिस जांच जारी है।

लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित King George’s Medical University (KGMU) में मंगलवार को एक फर्जी डॉक्टर के पकड़े जाने से हड़कंप मच गया। प्रशासन ने आरोपी हसम अहमद को हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया है। उस पर मेडिकल स्टूडेंट्स को गुमराह करने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं।

KGMU प्रशासन के अनुसार, हाल ही में पैथोलॉजी विभाग से जुड़े एक मामले के बाद कुलपति के निर्देश पर जांच टीम गठित की गई थी। इसके बाद कैंपस में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी, जिसमें यह मामला सामने आया।

डॉक्टर बनकर करता था कैंप और संपर्क

जांच में सामने आया है कि आरोपी हसम अहमद खुद को डॉक्टर बताकर मेडिकल कैंप आयोजित करता था। वह डॉक्टर की पोशाक पहनकर कैंपस में घूमता था और विभिन्न विभागों में अपनी पैठ बनाने की कोशिश करता था।

कैंपस में करीब 20 से अधिक छात्र-छात्राओं के उसके संपर्क में होने की बात सामने आई है। प्रशासन का दावा है कि आरोपी कुछ छात्राओं को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाने की योजना बना रहा था।

फर्जी लेटर और दस्तावेजों का खुलासा

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने KGMU के नाम से फर्जी लेटरहेड तैयार किया था और 8 छात्रों की सूची बनाकर उन्हें एम्स दिल्ली और अन्य स्थानों पर ले जाने का दावा किया था। इन लेटरों पर फर्जी हस्ताक्षर भी पाए गए।

“12वीं पास हूं, समाजसेवा के नाम पर संस्था चलाता हूं”

पुलिस पूछताछ में हसम अहमद ने खुद को 12वीं पास बताया और कहा कि वह सिद्धार्थनगर का निवासी है। उसने यह भी स्वीकार किया कि उसने समाजसेवा के नाम पर एक संस्था बनाई थी, जिसके जरिए वह मेडिकल कैंप आयोजित करता था।

हालांकि, वह छात्राओं से संपर्क और अन्य गंभीर आरोपों पर स्पष्ट जवाब नहीं दे सका। उसने यह दावा किया कि उसके साथ कुछ डॉक्टर जुड़े हुए हैं और वह जल्द अस्पताल खोलने की योजना बना रहा था।

पुलिस जांच जारी

पुलिस ने आरोपी से जुड़े अन्य लोगों और संस्था की गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की साजिश या धोखाधड़ी का पूरा खुलासा हो सके।

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