“मुजफ्फरनगर में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बसपा ने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। सतीश कुमार रवि को जिलाध्यक्ष और आनंद प्रकाश को मंडल कोऑर्डिनेटर बनाया गया है। वहीं सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने मीरापुर सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताते हुए इस्तीफा भेजा है।“
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही मुजफ्फरनगर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रमुख राजनीतिक दल संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को धार देने में जुट गए हैं। इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए सतीश कुमार रवि को दोबारा जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि आनंद प्रकाश को मंडल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी (सपा) में भी हलचल बढ़ गई है। जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने मीरापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताते हुए अपने पद से इस्तीफा भेज दिया है।
मीरापुर सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं जिया चौधरी
सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने बताया कि हाल ही में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में स्पष्ट किया था कि जो नेता आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं, वे संगठनात्मक पदों पर नहीं रहेंगे।
इसी निर्देश का पालन करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया है और मीरापुर विधानसभा सीट से टिकट देने का अनुरोध किया है। जिया चौधरी ने कहा कि फिलहाल उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है और पार्टी नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा, उसका सम्मानपूर्वक पालन किया जाएगा।
बसपा ने बदली संगठन की कमान
विधानसभा चुनाव से पहले बसपा भी संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने में जुटी हुई है। पार्टी ने जिलाध्यक्ष रहे आनंद प्रकाश को मंडल कोऑर्डिनेटर बनाते हुए नई जिम्मेदारी दी है, जबकि वर्ष 2019 से 2024 तक जिलाध्यक्ष रह चुके सतीश कुमार रवि को एक बार फिर जिले की कमान सौंपी गई है।
आनंद प्रकाश का जिलाध्यक्ष के रूप में कार्यकाल करीब छह माह का रहा। इससे पहले पुष्पांकर पाल और रविंद्र गौतम भी अल्प अवधि के लिए जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। पिछले दो वर्षों में बसपा द्वारा तीन बार जिलाध्यक्ष बदले जाने से संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया लगातार जारी रही है।
बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर रहेगा जोर
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष सतीश कुमार रवि ने कहा कि संगठन की मजबूती उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कुछ महीनों में बूथ स्तर पर संगठनात्मक कमजोरी सामने आई है, जिसे दूर करने के लिए गांव-गांव बूथ कमेटियों का गठन और पुनर्गठन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर पार्टी की नीतियों और जनहितकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाया जाएगा, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को मजबूत आधार मिल सके।
नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साहित दिखे आनंद प्रकाश
बसपा के नवनियुक्त मंडल कोऑर्डिनेटर आनंद प्रकाश ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी की जनकल्याणकारी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य किया जाएगा।
चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
मुजफ्फरनगर की राजनीति में यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब सभी दल आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। एक ओर सपा में संभावित उम्मीदवारों की दावेदारी खुलकर सामने आने लगी है, वहीं बसपा संगठनात्मक ढांचे को मजबूत कर चुनावी मैदान में अपनी स्थिति बेहतर करने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में जिले की राजनीति में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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