मध्य पूर्व में शांति की नई उम्मीद: ट्रंप और ईरान राष्ट्रपति ने समझौते पर किए हस्ताक्षर

एवियन (फ्रांस)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता सामने आई है। फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति ने एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को समाप्त करना, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण सुनिश्चित करना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने G7 सम्मेलन के समापन पर कहा कि यह समझौता उन सभी उद्देश्यों को पूरा करता है, जिन्हें अमेरिका और उसके सहयोगी देश हासिल करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि इससे वर्तमान संघर्ष समाप्त होगा, वैश्विक व्यापार का प्रमुख मार्ग होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खुल जाएगा और ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकेगा।

60 दिन में अंतिम समझौते की दिशा में वार्ता

अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जारी 14 पैराग्राफ के समझौता ज्ञापन (MoU) के अनुसार, ईरान ने परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल की जाएगी।

समझौते में अगले 60 दिनों के भीतर व्यापक और अंतिम समझौते की दिशा में बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय निगरानी व्यवस्था और परमाणु सामग्री की जांच का प्रावधान भी रखा गया है।

ईरान को मिलेगी आर्थिक राहत

समझौते के तहत अमेरिका तत्काल प्रभाव से ईरान पर लगाए गए तेल प्रतिबंधों में राहत देगा। इसके अलावा यदि अंतिम परमाणु समझौता सफलतापूर्वक संपन्न होता है तो क्षेत्रीय देशों के सहयोग से लगभग 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण कोष की व्यवस्था भी की जाएगी।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने पुष्टि की कि दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के हस्ताक्षर के साथ समझौता अंतिम रूप ले चुका है।

मैक्रों ने शांति बनाए रखने की अपील की

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने G7 सम्मेलन के समापन पर कहा कि ईरान, हिजबुल्लाह और इजरायल को किसी भी स्थिति में फिर से संघर्ष शुरू नहीं करना चाहिए। उन्होंने अमेरिका-ईरान समझौते का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

मैक्रों ने कहा कि मध्य पूर्व में स्थायी शांति और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सभी पक्षों को संयम बरतना होगा।

वैश्विक अर्थव्यवस्था को मिलेगी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बड़ी राहत मिलेगी। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस परिवहन मार्गों में से एक है। इसके बंद होने से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई थी।

G7 सम्मेलन में हुए इस समझौते को पश्चिम एशिया में शांति स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।

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