ईरान पर 1000 मिसाइलों की धमकी के बीच तेहरान में विस्फोट, सरकार ने बताई वजह

ट्रंप ईरान तनाव के बीच तेहरान में हुए धमाकों पर ईरानी प्रशासन ने सफाई दी है। ईरान ने कहा कि विस्फोट पुराने गोला-बारूद के नियंत्रित निपटान के कारण हुए। जानें अमेरिका-ईरान विवाद की पूरी जानकारी।

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच शनिवार को ईरान की राजधानी तेहरान के पूर्वी हिस्से में धमाकों की आवाज से हलचल मच गई। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 1000 मिसाइलों से हमले की चेतावनी दी है।

हालांकि ईरान ने इन धमाकों को किसी सैन्य कार्रवाई या नए हमले से जोड़ने से इनकार किया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, ये विस्फोट पुराने गोला-बारूद के नियंत्रित तरीके से नष्ट किए जाने के दौरान हुए।

पाकदश्त प्रशासन ने दी सफाई

तेहरान प्रांत के पूर्वी क्षेत्र पाकदश्त के गवर्नर ने बताया कि धमाके हालिया संघर्ष के दौरान बचे हुए गोला-बारूद के नियंत्रित निपटान अभियान का हिस्सा थे। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से नियोजित प्रक्रिया थी और इससे किसी तरह का खतरा पैदा नहीं हुआ।

ईरानी सरकारी मीडिया ने भी अधिकारियों के हवाले से स्पष्ट किया कि यह घटना किसी नए सैन्य घटनाक्रम का परिणाम नहीं थी, बल्कि नियमित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई थी।

ट्रंप की ईरान को बड़ी चेतावनी

तेहरान में धमाकों की खबर उस समय आई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने उनकी हत्या की कोशिश की तो अमेरिका ऐसा जवाब देगा, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।

उन्होंने दावा किया कि ईरान पर कार्रवाई के लिए 1000 मिसाइलें तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर इससे भी ज्यादा मिसाइलें इस्तेमाल की जा सकती हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि किसी भी हमले की स्थिति में ईरान को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

खुफिया जानकारी के बाद बढ़ा तनाव

रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल से मिली खुफिया जानकारी के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि ईरान की ओर से ट्रंप को निशाना बनाने की साजिश की जानकारी मिली थी, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह चेतावनी जारी की।

खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच बढ़ा तनाव

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब ईरान ने शुक्रवार को अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके गृहनगर मशहद में दफनाया। इससे पहले 28 फरवरी को हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है।

मध्य-पूर्व पर टिकी दुनिया की नजर

अमेरिका और ईरान के बीच जारी बयानबाजी ने मध्य-पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया है। हालांकि तेहरान प्रशासन ने धमाकों को सामान्य सैन्य प्रक्रिया बताया है, लेकिन दोनों देशों के बीच बढ़ती तल्खी के चलते अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।

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