नेपाल चुनाव में बड़ा उलटफेर: नई पार्टी RSP सबसे आगे, बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय

नेपाल चुनाव 2026 परिणाम में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। Balen Shah की Rastriya Swatantra Party (RSP) ने 36 सीटें जीत ली हैं और 83 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है। वहीं K. P. Sharma Oli पीछे चल रहे हैं। मतगणना जारी है और पार्टी के सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरने की संभावना है।

काठमांडू। नेपाल में हुए आम चुनावों की मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल रहा है। काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती दिखाई दे रही है।

अब तक आए रुझानों के मुताबिक RSP ने 36 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है, जबकि 83 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यह पार्टी महज चार साल पहले पत्रकार रहे रबि लामिछाने ने बनाई थी, लेकिन इस चुनाव में इसने पारंपरिक दलों को पीछे छोड़ दिया है।

ओली को झापा-5 सीट पर बड़ी चुनौती

इस चुनाव में बड़ा झटका पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भी लग सकता है। झापा-5 सीट पर वे बालेन शाह से 30 हजार से ज्यादा वोटों से पीछे चल रहे हैं। शुरुआती गिनती के अनुसार बालेन शाह को 42 हजार से अधिक वोट मिले हैं, जबकि ओली को करीब 11 हजार वोट ही मिल पाए हैं।

केपी शर्मा ओली ने इसी सीट से 2017 और 2022 के चुनाव जीते थे, लेकिन इस बार उनके सामने कड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

प्रोपोर्शनल वोट में भी RSP आगे

नेपाल के चुनाव आयोग के मुताबिक प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन (PR) वोटों की गिनती में भी RSP बढ़त बनाए हुए है। अब तक गिने गए वोटों में पार्टी को करीब 54.8 प्रतिशत वोट मिले हैं।

इसके बाद

  • नेपाली कांग्रेस दूसरे स्थान पर है
  • CPN-UML तीसरे स्थान पर
  • राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी चौथे स्थान पर

नेपाल में दो तरीके से चुने जाते हैं सांसद

नेपाल की संसद में कुल 275 सीटें हैं और यहां मिश्रित चुनाव प्रणाली लागू है।

  1. फर्स्ट पास्ट द पोस्ट प्रणाली
    • 165 सीटों पर सीधे चुनाव होता है।
    • जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, वही जीतता है।
  2. प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन प्रणाली
    • बाकी 110 सीटें पार्टियों को कुल वोट प्रतिशत के आधार पर मिलती हैं।
    • इसमें मतदाता सीधे उम्मीदवार नहीं बल्कि पार्टी को वोट देता है।

इस प्रणाली का उद्देश्य संसद में छोटे दलों और विभिन्न सामाजिक समूहों को भी प्रतिनिधित्व देना है।

युवाओं का विदेश पलायन बना बड़ा चुनावी मुद्दा

इस चुनाव में युवाओं का बड़ी संख्या में विदेश जाना भी प्रमुख मुद्दा बना। रोजगार के सीमित अवसरों के कारण हर साल हजारों नेपाली युवा खाड़ी देशों, मलेशिया और अन्य देशों में काम करने के लिए जाते हैं।

इसी मुद्दे को लेकर लगभग सभी राजनीतिक दलों ने अपने घोषणापत्र में रोजगार सृजन और विदेश जाने वाले श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़े वादे किए हैं।

चुनाव आयोग के अनुसार मतगणना 9 मार्च तक पूरी होने की संभावना है। हालांकि शुरुआती रुझानों के आधार पर यह माना जा रहा है कि बालेन शाह की पार्टी बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है और वे देश के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं।

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