मथुरा में भी अयोध्या की तरह मंदिर बने, श्रीकृष्ण जन्मभूमि की लड़ाई में यदुवंशी आगे आएं: संजय निषाद

संजय निषाद ने अयोध्या में कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की लड़ाई में यदुवंशियों को आगे आना चाहिए और मथुरा में भी अयोध्या की तरह मंदिर का निर्माण होना चाहिए। 2027 चुनाव को लेकर उन्होंने निषाद पार्टी में शामिल होने वालों को टिकट देने की बात कही।

अयोध्या: कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने बुधवार को अयोध्या में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर बड़ा बयान दिया। फूलन देवी की जयंती के अवसर पर रामनगरी पहुंचे संजय निषाद ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की लड़ाई में यदुवंशियों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि मथुरा में भी अयोध्या की तरह श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण होना चाहिए।

संजय निषाद ने कहा कि जहां-जहां मंदिरों को तोड़कर मस्जिदें बनाए जाने का दावा किया जाता है, उन स्थानों को खाली कराया जाना चाहिए। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर संतों की ओर से किए जा रहे आह्वान पर भी अपनी राय रखी और कहा कि इस मुद्दे पर यदुवंशी समाज को आगे आकर अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

‘श्रीकृष्ण जन्मभूमि को खाली कराया जाना चाहिए’

अयोध्या के सर्किट हाउस में निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने संजय निषाद का स्वागत किया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि को खाली कराया जाना चाहिए। उनका कहना था कि अयोध्या में जिस तरह राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ, उसी तरह मथुरा में भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाए जाने की बात सामने आती है, उन मामलों में भी संबंधित स्थानों को खाली कराने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।

‘यदुवंशी समाज को आगे आना चाहिए’

श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर संजय निषाद ने विशेष रूप से यदुवंशी समाज से आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े इस धार्मिक स्थल को लेकर चल रही लड़ाई में यदुवंशियों की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए।

संजय निषाद का यह बयान ऐसे समय आया है जब मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर संतों और हिंदू संगठनों की ओर से अलग-अलग मांगें और कार्यक्रम सामने आते रहे हैं। उनके बयान से इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं।

शरीयत का हवाला देकर कही यह बात

कैबिनेट मंत्री ने विवादित स्थल पर नमाज पढ़े जाने को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने शरीयत का हवाला देते हुए कहा कि विवादित स्थान पर नमाज नहीं पढ़ी जाती। हालांकि, उन्होंने इस संबंध में विस्तार से अपनी बात नहीं रखी।

2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी बोले संजय निषाद

संजय निषाद ने उत्तर प्रदेश में होने वाले 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी की रणनीति पर बात की। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या की तीन विधानसभा सीटों—बीकापुर, सदर और गोसाईगंज में निषाद पार्टी का अपना वोट बैंक है।

उन्होंने चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों से निषाद पार्टी में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि जो चुनाव लड़ना चाहता है, वह पार्टी में आए, उसे टिकट दिया जाएगा।

हालांकि, गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर पूछे गए सवाल पर संजय निषाद ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उनके बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के संगठन विस्तार और राजनीतिक दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

फूलन देवी की जयंती पर किया नमन

अयोध्या दौरे के दौरान संजय निषाद ने पूर्व सांसद फूलन देवी को उनकी जयंती पर नमन किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से फूलन देवी के जीवन और संघर्ष से सीख लेने की अपील की।

मंडल स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए निषाद पार्टी अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज के उत्थान के लिए अपनी पार्टी, अपना चुनाव चिह्न और संगठन के प्रति एकजुटता जरूरी है।

कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत करने की अपील

सम्मेलन में संजय निषाद ने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए समाज को संगठित होना होगा।

कार्यक्रम में बाराबंकी जिलाध्यक्ष दिनेश निषाद समेत पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। संजय निषाद के अयोध्या दौरे में एक ओर जहां श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर उनका बयान चर्चा में रहा, वहीं दूसरी ओर 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर दिए गए उनके बयान ने भी राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

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