“ईरान अमेरिका तनाव के बीच IRGC ने जॉर्डन में दो अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। यह कार्रवाई लराक द्वीप पर अमेरिकी हमले के जवाब में बताई गई है।“
तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन में स्थित दो अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। ईरानी पक्ष के मुताबिक यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में लराक द्वीप पर अमेरिकी हमले के जवाब में की गई।
ईरानी मीडिया में जारी IRGC के बयान के अनुसार, जॉर्डन के अजराक स्थित मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस और किंग हुसैन एयरबेस को निशाना बनाया गया। ईरानी गार्ड्स ने दावा किया कि इन ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से संयुक्त हमला किया गया और अमेरिकी सैन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान का पलटवार
ईरान का यह दावा अमेरिका की ओर से लराक द्वीप पर की गई सैन्य कार्रवाई के बाद सामने आया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक अमेरिकी सेना ने लराक द्वीप पर ईरान के दो लॉन्च सिस्टम को निशाना बनाया था।
बताया गया कि ईरानी सैन्य बलों को होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगों से जुड़े रॉकेट लॉन्च करने की तैयारी करते हुए देखा गया था। इसके बाद अमेरिकी सेना ने कार्रवाई की। यह जुलाई के आखिर के बाद ईरान के क्षेत्र पर अमेरिका की पहली ज्ञात सैन्य कार्रवाई बताई जा रही है।
दो एयरबेस पर हमले का दावा
IRGC ने कहा कि जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। बयान के मुताबिक मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस के तकनीकी और रखरखाव संबंधी बुनियादी ढांचे के साथ उन इलाकों को निशाना बनाया गया, जहां लड़ाकू विमानों की तैनाती थी।
ईरानी पक्ष ने हमले में भारी नुकसान होने का दावा किया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी है। हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर ईरान की चेतावनी
IRGC ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान पर होने वाली सैन्य कार्रवाइयों का जवाब दिया जाएगा। गार्ड्स ने यह भी कहा कि अमेरिकी हमले होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण को कमजोर नहीं कर पाएंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां बढ़ते सैन्य तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और अन्य ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
बढ़ता जा रहा अमेरिका-ईरान सैन्य तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में तनाव को और गंभीर कर दिया है। एक तरफ अमेरिका ईरानी सैन्य ठिकानों और लॉन्च प्रणालियों को निशाना बनाने की बात कह रहा है, वहीं ईरान जवाबी कार्रवाई की क्षमता और क्षेत्रीय नियंत्रण को लेकर लगातार चेतावनी दे रहा है।
जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का ईरानी दावा ऐसे समय में सामने आया है, जब दोनों देशों के बीच सीधे सैन्य टकराव का खतरा बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में अमेरिका की प्रतिक्रिया और ईरान की अगली कार्रवाई पर पूरे क्षेत्र की नजर रहेगी।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”









