“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- जयप्रकाश नारायण के नाम पर बने केंद्र को सपा शासन में निजी कंपनी के अड्डे की तरह चलाया गया, जनता के पैसे पर किसी राजनीतिक दल को डकैती की छूट नहीं“
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ का JPNIC समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक बन गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने इसे अपनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अड्डे की तरह बना दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर बने केंद्र की ऐसी स्थिति उनके नाम और विचारों का अपमान है।
200 करोड़ की परियोजना पर 864 करोड़ खर्च, फिर भी अधूरा रहा काम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा शासनकाल में JPNIC परियोजना की शुरुआत करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से की गई थी। इसे 18 महीने में पूरा किया जाना था, लेकिन परियोजना पर 864 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद यह अधूरी रही। मुख्यमंत्री के मुताबिक निर्धारित अवधि के बाद भी लंबे समय तक केंद्र का काम पूरा नहीं हो सका।
योगी ने कहा कि JPNIC पर खर्च की गई 864 करोड़ रुपये की राशि किसी राजनीतिक दल या किसी खास परिवार की संपत्ति नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जनता की गाढ़ी कमाई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता के पैसे पर किसी भी राजनीतिक दल को मनमानी करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सपा के कब्जे के लिए कमेटी बनाने का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि JPNIC पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के लिए तत्कालीन सपा सरकार के दौरान एक कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी में अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, अखिलेश यादव के निजी सचिव और सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी के शामिल होने का उन्होंने उल्लेख किया।
योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस कमेटी को भंग कर JPNIC को अपने नियंत्रण में लिया है। अब लखनऊ विकास प्राधिकरण के मार्गदर्शन में केंद्र को संचालित करने की दिशा में काम किया जाएगा। सरकार का प्रयास होगा कि JPNIC को उसके मूल उद्देश्य के अनुरूप विकसित किया जाए और लोकनायक जयप्रकाश नारायण की स्मृतियों को जीवंत रखा जाए।
864 करोड़ रुपये की वसूली का भी प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के खजाने से खर्च हुई धनराशि का हिसाब लेने और उसकी वसूली के लिए भी प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के हाथ से सरकारी खजाने पर नियंत्रण छीन लिया गया है, वे अब अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।
योगी ने कहा कि उनकी सरकार अपराध और अपराधियों के साथ-साथ बेईमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सरकारी धन के दुरुपयोग के मामलों में जवाबदेही तय करने की बात भी उन्होंने दोहराई।
‘दंगा-कर्फ्यू और जातीय राजनीति सपा की पहचान’
मुख्यमंत्री ने सपा की राजनीतिक कार्यशैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पीडीए के नाम पर समाज को जाति के आधार पर बांटने का प्रयास किया गया। योगी ने कहा कि सपा शासन में दंगे और कर्फ्यू प्रदेश की पहचान बन गए थे और सरकारी खजाने में लूट-खसोट की गई।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय सपा नेताओं की ओर से श्रद्धांजलि तक नहीं दी गई। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकार में खाली जमीनों पर कब्जे और महिलाओं व बेटियों में भय का माहौल बड़ी समस्या थी।
‘मिशन शक्ति से महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में शुरू किए गए मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वाभिमान और स्वावलंबन सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि जब बेटियों को सुरक्षित वातावरण मिलता है तो उनके भीतर आत्मविश्वास और संरक्षण का भाव मजबूत होता है। सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने के साथ उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी काम कर रही है।
अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा बनेगी प्रेरणा का केंद्र
वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य अश्वारोही प्रतिमा के लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रतिमा भारतीय नारी के शौर्य, गरिमा और तेजस्विता का प्रतीक बनेगी। उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी का जीवन देश और समाज के लिए प्रेरणादायी है।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति को समर्पित है और इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं देशवासियों को क्रमशः राष्ट्रीय अखंडता, अंत्योदय और सुशासन की प्रेरणा देती हैं।
योगी ने कहा कि इसी परिसर में वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य प्रतिमा देश की महिलाओं के साहस, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति की याद दिलाएगी। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को भारतीय नारी की शक्ति और त्याग से परिचित कराने का माध्यम बनेगी।
JPNIC को लेकर सियासी टकराव तेज
JPNIC को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बहस तेज होने के संकेत हैं। मुख्यमंत्री ने जहां परियोजना की लागत, अधूरे निर्माण और कथित राजनीतिक नियंत्रण को लेकर सपा पर सवाल उठाए, वहीं सरकार की ओर से केंद्र को नए तरीके से संचालित करने की बात कही गई है।
सरकार का जोर JPNIC को सार्वजनिक उपयोग और लोकनायक जयप्रकाश नारायण की स्मृति से जोड़ने पर है। वहीं, 864 करोड़ रुपये के खर्च को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए सवाल आने वाले समय में इस परियोजना को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का बड़ा मुद्दा बन सकते हैं।
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लखनऊ से स्टेट हेड संजीव श्रीवास्तव की रिपोर्ट








