
“उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़कर 685 हो गए हैं। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह भी H1N1 संक्रमित मिले हैं। लखनऊ में 113 और गौतमबुद्ध नगर में 189 केस सामने आए हैं।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह भी इन्फ्लुएंजा H1N1 की चपेट में आ गए हैं। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में हुई जांच में मंगलवार को उनके संक्रमित होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों की सलाह पर मंत्री ने खुद को क्वारंटीन कर लिया है और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले 29 अगस्त के 551 से बढ़कर 1 सितंबर को 685 हो गए। यानी महज तीन-चार दिनों में 134 नए मामले सामने आए हैं। संक्रमण अब प्रदेश के 57 जिलों तक पहुंच चुका है।
कई दिनों से था बुखार, लखनऊ लौटने पर हुई जांच
KGMU के अनुसार जयवीर सिंह को पिछले कुछ दिनों से बुखार था। उस दौरान वह फिरोजाबाद के दौरे पर थे, जिसके कारण वहां उनकी जांच नहीं हो सकी। लखनऊ लौटने के बाद उन्होंने जांच कराई। मलेरिया की जांच निगेटिव आई, जबकि H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई।
रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने खुद को क्वारंटीन कर लिया है। फिलहाल वह चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं।
NCR के तीन जिलों में सबसे ज्यादा मामले
स्वाइन फ्लू का सबसे अधिक असर प्रदेश के कुछ जिलों में देखने को मिल रहा है। आंकड़ों के अनुसार गौतमबुद्ध नगर में 189 मामले सामने आए हैं, जो प्रदेश में सबसे अधिक हैं। इसके बाद लखनऊ में 113, मेरठ में 54 और गाजियाबाद में 32 मरीजों की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन चार जिलों में ही बड़ी संख्या में मरीज सामने आए हैं। प्रदेश के कुल 57 जिलों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है।
अब तक स्वाइन फ्लू से मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक प्रदेश में अभी तक स्वाइन फ्लू से किसी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विभाग ने संदिग्ध मौतों का डेथ ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट किया जाएगा कि संबंधित मौत का कारण स्वाइन फ्लू था या कोई अन्य बीमारी।
अस्पतालों में फीवर डेस्क और आइसोलेशन बेड तैयार रखने के निर्देश
उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा की है। उन्होंने अस्पतालों में फीवर ओपीडी और फीवर डेस्क सक्रिय रखने के साथ पर्याप्त संख्या में आइसोलेशन बेड आरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
अस्पतालों को जरूरी दवाएं और जांच किट उपलब्ध रखने को भी कहा गया है, ताकि संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच और उपचार किया जा सके।
भीड़ में मास्क पहनने और लक्षण दिखने पर जांच की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग के अनुसार भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करने, नियमित रूप से हाथ धोने और स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने से संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
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