भगवान कृष्ण पर बयान देकर घिरे धीरेंद्र शास्त्री, तेजस्वी यादव ने कहा- देश और सनातनियों से मांगें माफी

बिहार : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए एक बयान के बाद विवादों में घिर गए हैं। उनके बयान पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने इस टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने बिना नाम लिए धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘सत्ता-पोषित मानसिक विक्षिप्त’ करार दिया है।

तेजस्वी यादव ने सोमवार (2 नवंबर 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने लिखा कि भगवान श्रीकृष्ण, जिन्होंने लोक एकता की शक्ति से इंद्रासन को हिला दिया था और जो धार्मिक सीमाओं से परे सभी के पूजनीय हैं, उनके बारे में इस तरह की टिप्पणी अशोभनीय, अमर्यादित और अक्षम्य है।

हालांकि, तेजस्वी ने अपनी पोस्ट में धीरेंद्र शास्त्री का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी यह प्रतिक्रिया बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर के बयान के बाद आई है।

तेजस्वी यादव ने भाजपा नेताओं से भी मांगी माफी की मांग

तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि भगवान राम और भगवान कृष्ण एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पहले इंसानों को बांटते थे और अब भगवान को भी बांटने लगे हैं।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए धार्मिक एकता को नुकसान पहुंचाना गलत है। तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अन्य नेताओं से भी इस मामले में सामने आकर देश, समाज और सनातन धर्म के अनुयायियों से माफी मांगने की मांग की।

अपनी पोस्ट के अंत में तेजस्वी यादव ने ‘हरे कृष्ण, हरे राम’ महामंत्र भी लिखा।

धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान कृष्ण को लेकर क्या कहा था?

दरअसल, मध्य प्रदेश में एक श्रीराम कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान राम और भगवान कृष्ण की तुलना करते हुए टिप्पणी की थी।

उन्होंने भक्तों से कहा था कि भगवान कृष्ण की मूर्तियों और तस्वीरों में वह अक्सर तीन जगह से मुड़े हुए दिखाई देते हैं। कभी पैर पर पैर रखकर खड़े होते हैं तो कभी कमर को लचकाकर बांसुरी बजाते नजर आते हैं।

इसके उलट उन्होंने भगवान राम का जिक्र करते हुए कहा कि उनके आराध्य सीधे खड़े होते हैं और उनका स्वरूप भी सीधा है। उन्होंने अयोध्या और वृंदावन का उल्लेख करते हुए भी दोनों के बीच तुलना की थी।

धीरेंद्र शास्त्री के इसी बयान को लेकर अब विवाद बढ़ता जा रहा है। इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

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