
नई दिल्ली। स्टूडेंट एक्टिविस्ट नेहा बोरा के पुजारियों और धार्मिक संस्थानों को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उनके बयान की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर हिंदू धर्म को बदनाम करने और कथित तौर पर हिंदू-विरोधी एजेंडे को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
बीजेपी का कहना है कि नेहा बोरा की टिप्पणियां कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के पुराने बयानों जैसी हैं। पार्टी ने इसे सनातन धर्म के खिलाफ वैचारिक अभियान का हिस्सा बताया है।
नेहा बोरा के बयान पर BJP ने कांग्रेस को घेरा
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने नेहा बोरा का विवादित वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। उन्होंने पोस्ट में नेहा बोरा को राहुल गांधी से जोड़ते हुए उन पर हिंदू धर्म के प्रति नफरत फैलाने का आरोप लगाया।
प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी के 2014 के एक बयान का भी जिक्र किया। उस समय दिल्ली में महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने मंदिरों में महिलाओं की पूजा करने और सार्वजनिक जगहों पर उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार के बीच विरोधाभास की बात कही थी।

बीजेपी प्रवक्ता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी की सोच देश की एकता के लिए खतरा है।
महाभियोग प्रस्ताव के समर्थन में दिया था बयान
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की कार्यकर्ता नेहा बोरा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन करते हुए अपनी बात रखी।
उन्होंने मतदाता सूची से कथित तौर पर जानबूझकर नाम हटाने और चुनावी प्रक्रिया के नियमों का उल्लंघन किए जाने का आरोप लगाया था। इसी दौरान उन्होंने जाति और धार्मिक संस्थानों से जुड़ी टिप्पणियां भी कीं।
नेहा बोरा ने अपने बयान में कहा कि गरीबों, शोषितों, महिलाओं और अन्य कमजोर वर्गों के साथ होने वाले भेदभाव के पीछे ब्राह्मणवादी व्यवस्था की भूमिका है। उन्होंने यह भी कहा कि इस व्यवस्था के कारण ब्राह्मण महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं।
कठुआ मामले का भी किया जिक्र
अपने बयान में नेहा बोरा ने जनवरी 2018 के कठुआ मामले का जिक्र किया। इस मामले में जम्मू-कश्मीर के बकरवाल समुदाय की आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे।
जून 2019 में विशेष अदालत ने मामले में छह लोगों को दोषी ठहराया था। इनमें मंदिर के देखभालकर्ता सांझी राम समेत तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
सोशल मीडिया पर भी बयान को लेकर विवाद
नेहा बोरा की टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने उनके बयान की आलोचना करते हुए कहा कि किसी व्यवस्था या विचारधारा की आलोचना करते समय पूरे समुदाय को एक नजर से देखना उचित नहीं है।
वहीं, बीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है। फिलहाल नेहा बोरा के बयान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है।








