
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खुली बहस करने की राहुल गांधी की चुनौती पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी को किसी मुद्दे पर बहस करनी है, तो उन्हें सड़क पर नहीं, बल्कि संसद में आकर चर्चा करनी चाहिए। पात्रा ने सवाल उठाया कि नेताओं के बीच बहस सड़कों पर होनी चाहिए या लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर यानी संसद में?
‘बहस संसद में होनी चाहिए, सड़कों पर नहीं’
संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री के साथ आमने-सामने बैठकर बहस करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास किसी भी मुद्दे पर ठोस आंकड़े नहीं होते। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को देश के कई अहम मुद्दों की जानकारी भी नहीं है और वह अव्यवस्था फैलाने में आगे रहते हैं।
पात्रा ने यह भी कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संसद में लगातार पांच-छह मिनट से ज्यादा बैठने का धैर्य नहीं रखते। उनके मुताबिक, जो व्यक्ति संसद में कुछ देर तक नहीं बैठ सकता, वह वहां गंभीर बहस कैसे करेगा? उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में चर्चा करने के बजाय सड़क पर विवाद करना पसंद करते हैं।

‘INDI गठबंधन की एकजुटता पर हो बहस’
संबित पात्रा ने विपक्षी गठबंधन INDI पर भी निशाना साधा। उन्होंने रामलीला मैदान में हुई विपक्षी नेताओं की रैली का जिक्र करते हुए दावा किया कि आयोजकों ने वहां 10 लाख लोगों के जुटने की बात कही थी, लेकिन वास्तव में 20 हजार से ज्यादा लोग नहीं पहुंचे।
पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के साथ बहस करने के बजाय अपने गठबंधन के सहयोगियों से चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने अरविंद केजरीवाल का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी एक तरफ उन्हें अपना दोस्त और गठबंधन का हिस्सा बताते हैं, तो दूसरी तरफ पंजाब की सरकार को सबसे भ्रष्ट सरकार कहते हैं।
भाजपा सांसद ने इसी विरोधाभास को उठाते हुए सवाल किया कि आखिर INDI गठबंधन में कितनी एकजुटता है।









