नबीन के साथ युवा हो रही भाजपा

नबीन के साथ युवा हो रही भाजपा। 45 वर्षीय नितिन नबीन को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर बीजेपी ने संगठन को नई पीढ़ी के हवाले करने की रणनीति को जमीन पर उतार दिया है।”

  • नये कार्यकारी अध्यक्ष नितिन का मानना है राजनीति धैर्य का काम
  • अब सड़क नहीं पार्टी का संगठन बनाएंगे बिहार के पथ निर्माण मंत्री
  • पार्टी को युवा करने की कवायद का हिस्सा है नितिन की नियुक्ति
  • 20 चुनिंदा भाजपाइयों में से चुने गए 45 साल के कार्यकारी अध्यक्ष

अभयानंद शुक्ल

समन्वय सम्पादक

भाजपा के नए कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ पार्टी भी अब युवा होने की ओर अग्रसर है। नबीन का चुनाव उन 20 चुनिंदा कार्यकर्ताओं में से किया गया है, जिन्हें 8-10 महीना पूर्व शॉर्टलिस्ट किया गया था। यह चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वायदे का भी क्रियान्वयन है, जो उन्होंने पिछले साल दिसंबर में गुजरात के एक कार्यक्रम में किया था।

इस प्रकार अब भारतीय जनता पार्टी अपनी तीसरी-चौथी पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए काम करने लगी है। और संघ से परामर्श और सहमति में हो रहे विलंब के चलते ही शायद इस घोषणा में देरी हुई और जैसा कि अब तक की परंपरा है कि भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष ही पूर्णकालिक होता है तो आने वाले दिनों में नितिन नवीन ही पूर्णकालिक हो जाएंगे, ऐसा सूत्रों का कहना है।

खबर ये भी है कि बाकी 19 लोगों का भी समायोजन पार्टी में विभिन्न पदों पर किया जाएगा। खैर, नितिन नवीन के रूप में 45 साल की भाजपा को 45 साल का कार्यकारी अध्यक्ष मिल गया है।

सोमवार को दिल्ली पहुंचकर नितिन नबीन ने अपना पदभार भी ग्रहण कर लिया है। उन्होंने कहा है कि राजनीति धैर्य का काम है, और समय लेती है। इसलिए धैर्य के साथ सबको अपना काम करते रहना चाहिए। इस मौके पर पटना से लेकर दिल्ली तक उनके जबरदस्त स्वागत का संदेश यही है की पूरी पार्टी इस निर्णय से सहमत है। इसीलिए सभी नेता एक स्वर से उनकी इस नियुक्ति की तारीफ कर रहे हैं, और बधाई दे रहे हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्वयं उनके स्वागत के लिए मौजूद थीं।

कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप नितिन नबीन की वाइल्ड एंट्री से अचंभित लोग अब उनकी नियुक्ति के निहितार्थ तलाशने लगे हैं। उधर सूत्रों का कहना है कि करीब सात-आठ महीने पहले भाजपा ने 45-55 वर्ष की आयु के 15-20 भाजपा कार्यकर्ताओं की प्रोफाइलिंग की थे। उनमें नितिन नवीन का भी नाम था। बाद में भाजपा और संघ की सहमति से पांच नाम छांटे गए थे। बाद में गहन विचार विमर्श के बाद नितिन नबीन का चयन किया गया।

खबर है कि बिहार में चुनाव के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह नितिन नवीन के घर पर भी गए थे। उस समय यह संकेत था, नितिन नबीन के महत्व का। पर उस समय किसी ने गौर नहीं किया। 45 साल के नितिन अभी तक बिहार सरकार में पथ निर्माण विभाग के मंत्री थे।

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में अपनी सांगठनिक क्षमता का लोहा मनवा चुके नितिन के पास ये जिम्मेदारी आना पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के विश्वास का भी प्रतीक है। पार्टी को युवा करने का वादा पिछले साल दिसंबर में पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात में रामकृष्ण मठ के एक कार्यक्रम में किया था।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि ये उसी वाले को पूरा करने की शुरुआत है। और जिस प्रकार पार्टी के बड़े नेताओं पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और वर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा आदि ने उन्हें बधाई दी है, उससे लगता है कि उनको इस काम में कोई दिक्कत भी नहीं आएगी। वैसे भी अक्सर अपने निर्णयों से चौंका देने वाले नरेंद्र मोदी ने फिर एक बार राजनीति के जानकारों को चौंका दिया है।

उनकी नियुक्ति का भाजपा के अलावा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल के नेता मृत्युंजय तिवारी ने भी स्वागत किया है और कहा है कि बिहार के लिए खुशी का विषय है।

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